नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार पर युवाओं से किए गए वादे पूरे न करने का आरोप लगाया है. पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति आज बैठक करेगी, जिसमें छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR वापस लेने तथा सुसाइड करने वाले NEET पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी.
CJP ने 20 जून से जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर आंदोलन शुरू किया था. 25 जुलाई को सरकार से आश्वासन मिलने के बाद पार्टी ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया था. उस दिन CJP नेता आशुतोष रांका और सौरव दास ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की थी, जिसमें तीन प्रमुख मांगों पर सहमति बनी थी.
पार्टी का कहना है कि सरकार ने छात्रों पर से FIR वापस लेने और NEET पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने के वादे पूरे नहीं किए हैं. CJP नेताओं सौरव दास और रत्ना सिंह ने कहा कि आंदोलन खत्म होने के बाद किए गए वादे पूरे होने चाहिए. सभी FIR वापस ली जाएं और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कोई कार्रवाई न हो.
सुप्रीम कोर्ट ने 18 अगस्त को केंद्र से छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी FIR की सूची मांगी थी. CJP का दावा है कि कोर्ट अनुच्छेद 142 के तहत इन मामलों को रद्द करने पर विचार कर सकता था, लेकिन केंद्र ने FIR की सूची देने की स्पष्ट प्रतिबद्धता नहीं जताई. पार्टी ने इसे वादों से पीछे हटने का संकेत बताया है.
इस बीच CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रियों को पत्र लिखकर सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी मांगी है. जयपुर में ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के दौरान रामपुरा-कंवरपुरा गांव में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ कथित हिंसा का मामला भी सामने आया है.
CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने राजस्थान सरकार से FIR पर कार्रवाई और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है. उन्होंने कहा कि अगर CJP कार्यकर्ताओं के खिलाफ सबूत मिलते हैं तो पार्टी कानूनी कार्रवाई का सामना करने को तैयार है.