तमिलनाडु : बच्ची से दुष्कर्म-हत्या मामले की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंसने वाले 3 आईपीएस अधिकारी निलंबित हो गई है. तमिलनाडु के कोयंबटूर से एक बेहद संवेदनशील और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. यहाँ एक 10 साल की नाबालिग बच्ची के अपहरण, बलात्कार और जघन्य हत्याकांड को लेकर आयोजित की गई पुलिस ब्रीफिंग के दौरान संवेदनहीनता दिखाने पर तीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है.
कोयंबटूर में हुई इस दिल दहला देने वाली वारदात के बाद पुलिस ने मामले की जानकारी देने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी. ऐसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर बात करते समय वहाँ मौजूद तीन वरिष्ठ आईपीएस आईपीएस अधिकारियों आईजी (IG) आर. वी. रम्या भारती, डीआईजी (DIG) पी. स्वामीनाथन और एसपी (SP) पवन कुमार का व्यवहार बेहद गैर-जिम्मेदाराना रहा. ये अधिकारी मीडिया के सामने बातचीत के दौरान मुस्कुराते और ठहाके लगाते नजर आए.
सोशल मीडिया पर आक्रोश और कार्रवाई
प्रेस कॉन्फ्रेंस का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही जनता का गुस्सा फूट पड़ा. एक पीड़ित परिवार और मासूम बच्ची के प्रति ऐसी घोर संवेदनहीनता को लेकर लोगों ने पुलिस प्रशासन की कड़ी आलोचना की. जनता के भारी आक्रोश और मामले की गंभीरता को देखते हुए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय थलपति ने इस पर सख्त संज्ञान लिया. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के इस कृत्य को सेवा नियमों और मानवीय संवेदनाओं के खिलाफ मानते हुए तीनों आईपीएस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) करने का आदेश जारी कर दिया.