नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार को देशभर में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किए. नई दिल्ली से लेकर जम्मू, गुवाहाटी, कोलकाता, चंडीगढ़, पटना, हैदराबाद, मणिपुर, देहरादून और लखनऊ तक पार्टी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए.
हाथों में तख्तियां लेकर कार्यकर्ताओं ने नारे लगाए कि “वोट चोरों को बख्शा नहीं जाएगा” और ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा देने की मांग की. कई शहरों में उनके पुतले भी फूंके गए. कांग्रेस का आरोप है कि ज्ञानेश कुमार चुनाव आयोग में मनमानी कर रहे हैं और दो अन्य आयुक्तों की बात नहीं सुन रहे. यह आरोप इंडियन एक्सप्रेस की उस रिपोर्ट के बाद लगा, जिसमें कहा गया कि पिछले 10 महीनों में 14 बार दोनों चुनाव आयुक्तों ने आयोग के फैसलों पर आपत्ति जताई.
प्रदर्शनों के दौरान कई जगहों पर पुलिस से भिड़ंत भी हुई. पटना में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया, जबकि गुवाहाटी में असम प्रदेश कांग्रेस प्रमुख गौरव गोगोई समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया. मणिपुर की राजधानी इम्फाल में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के सामने पुतले जलाए गए, जहां पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे.
यह देशव्यापी विरोध लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रेस कॉन्फ्रेंस के अगले दिन आयोजित किया गया. बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि चुनाव आयोग समझौता कर चुका है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय मंत्री अमित शाह के निर्देश पर काम कर रहा है. पार्टी का रुख साफ है कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए.