कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में जिला महिला अस्पताल (डफरिन अस्पताल) में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. इलाज कराने पहुंची एक मुस्लिम महिला ने आरोप लगाया है कि डॉक्टरों और सुरक्षा कर्मियों ने उसे चेहरे का हिजाब हटाने को कहा. महिला के अनुसार, जब उसने हिजाब नहीं हटाया तो उसे दवा देने से इनकार कर दिया गया. महिला ने अपने मोबाइल पर पूरा घटनाक्रम रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर दिया, जो तेजी से वायरल हो रहा है.
कानपुर के उर्सला अस्पताल में इलाज कराने पहुंची एक मुस्लिम महिला का आरोप है कि डॉक्टरों और सुरक्षा कर्मियों ने उससे चेहरे से हिजाब हटाने को कहा। महिला का दावा है कि ऐसा न करने पर उसे उपचार देने से इनकार कर दिया गया। #ursla #kanpur pic.twitter.com/Mm6p70wqXn
— Pawan Kumar Sharma (@pawanks1997) June 8, 2026
वीडियो में महिला कह रही है, ''उर्सला में दवाई लेने आए थे. दो लेडीज डॉक्टर बोल रही हैं कि हिजाब खोल के आओ. हम आधे घंटे नंबर लगाकर बैठे रहे. फिर बोला गया कि दवाई लेनी है तो हिजाब खोलो. मास्क तो समझ आता है, लेकिन हिजाब क्यों खोलना पड़ेगा? चोरी का बहाना दिया जा रहा है. हिंदू महिलाएं जा रही हैं, मुसलमानों को ही क्यों टारगेट किया जा रहा है?'' महिला ने अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डॉ. रुचि जैन का नाम भी लिया है.
अस्पताल प्रशासन का जवाब
अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डॉ. रुचि जैन ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि महिला उनके पास आई ही नहीं थी. उन्होंने सुरक्षा कारण बताते हुए कहा कि यह महिला अस्पताल है, नवजात बच्चों की सुरक्षा महत्वपूर्ण है. अगर कोई अप्रिय घटना होती है तो चेहरा न दिखने पर पहचान कैसे होगी? महिला डॉक्टर के सामने हिजाब हटाने में क्या आपत्ति हो सकती है?
ग्लोबल भारत टीवी इस वीडियो का स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है. यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया है, जहां एक तरफ महिला के समर्थन में आवाजें उठ रही हैं तो दूसरी तरफ अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को सही ठहराया जा रहा है. अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक जांच शुरू होने की खबर नहीं है.