मुंबई/लंदन: दाऊदी बोहरा समुदाय के उत्तराधिकार विवाद पर ऐतिहासिक फैसला सुनाने वाले बॉम्बे हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस गौतम पटेल और उनका परिवार पिछले 10 महीनों से लगातार जानलेवा धमकियों का शिकार है. अब मामले ने और गंभीर मोड़ ले लिया है. जस्टिस पटेल की बेटी अदिति पटेल पर लंदन में हमला किया गया और हाल ही में उन्हें मौत की धमकी वाला गुमनाम पत्र मिला है.
बेटी को मिली धमकी
5 जून 2026 को अदिति पटेल को लंदन में एक गुमनाम पत्र भेजा गया. पत्र में साफ लिखा था, ''तुम और तुम्हारे पूरे परिवार के दाह-संस्कार के लिए गिरोह को भुगतान कर दिया गया है.'' पत्र के साथ एक चिप (डिजिटल स्टोरेज डिवाइस) भी भेजी गई, जिसमें आगे की 'चेतावनी' बताई गई थी. इससे पहले अप्रैल 2025 में अदिति के लंदन स्थित घर में सेंधमारी हुई थी. 22 अप्रैल 2026 को एक नकाबपोश व्यक्ति ने उन पर हमला कर दिया, जिसमें उनकी नाक टूट गई.
मुंबई में भी धमकियां
मुंबई स्थित घर पर जस्टिस पटेल की पत्नी को भी धमकी भरा पत्र मिला, जिसमें लिखा था कि वे दाऊदी बोहरा समुदाय के प्रभावशाली सदस्यों का एक समूह हैं और उन्होंने खतरनाक सिंडिकेट को काम पर लगाया है. जस्टिस गौतम पटेल ने कहा, “एक जज सैकड़ों फैसले सुनाता है.
अगर रिटायरमेंट के बाद भी उसे और उसके परिवार को इस तरह की धमकियों का सामना करना पड़े, तो फिर कौन न्यायाधीश बनना चाहेगा?” उन्होंने व्यवस्था की विफलता पर भी सवाल उठाए और कहा कि न्यायाधीश बिना भय के फैसला नहीं सुना पाएंगे.
मामला क्या था?
अप्रैल 2024 में जस्टिस गौतम पटेल ने दाऊदी बोहरा समुदाय के 53वें दाई (नेता) सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन की नियुक्ति को वैध ठहराया था. इस फैसले को चुनौती देने वाले याचिकाकर्ता की याचिका खारिज कर दी गई थी. बॉम्बे बार एसोसिएशन ने इन धमकियों की कड़ी निंदा की है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. यह घटना न सिर्फ एक जज और उनके परिवार की सुरक्षा का सवाल है, बल्कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर भी गंभीर सवाल खड़ा करती है. अधिकारियों से अब इस पूरे मामले की निष्पक्ष और तेज जांच की मांग जोरों पर है.