पटना: बिहार में लोक गायिका देवी (Folk singer Devi) के कार्यक्रम में महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) के सबसे प्रिय भजन 'रघुपति राघव राजा राम' (Raghupati Raghav Raja Ram) पर विवाद खड़ा हो गया. इतना ही नहीं भाजपा (BJP) नेताओं के हंगामें के कारण गायिका को माफी भी मांगनी पड़ी. इसी बीच बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री भी लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) भी इस विवाद में कुद पड़े हैं.
लालू यादव (Lalu Yadav) ने आरोप लगाया है कि महात्मा गांधी के प्रिय भजन पर पटना में हंगामे के लिए बीजेपी के नेता जिम्मेदार हैं. बता दें कि 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहार की जयंती पर पटना में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जहां ने गायिका देवी ने जैसे हीं 'रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीता राम... ईश्वर अल्लाह तेरो नाम' भजन गाना शुरू किया कुछ लोगों ने आपत्ति जता दी.

हंगामे के बाद देवी को तुरंत भजन रोकना पड़ा और मांफी मांगनी पड़ी. वहीं लालू यादव ने आरोप लगाया है कि भाजपा नेताओं के कारण ही कार्यक्रम को रोक दिया गया और गायिका से माफी मांगी गई. मीडिया रिपोर्ट्स से जानकारी मिली है कि कार्यक्रम का आयोजन भाजपा के फायर ब्रांड नेता अश्विनी चौबे (Ashwini Choubey) के अटल विचार मंच ने किया था. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव ने शोसल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है कि संघियों और भाजपाइयों को ''जय सियाराम, जय सीताराम'' के नाम एवं नारे से शुरू ही नफरत है क्योंकि उसमें माता सीता का जयकारा है.
पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव ने कहा है कि ये लोग शुरू से ही महिला विरोधी है तथा ''जय श्री राम'' के नारे के साथ आधी आबादी महिलाओं का भी अपमान करते हैं. लालू यादव ने आगे लिखा कि गायिका देवी ने कल कार्यक्रम में बापू के नाम पर निर्मित सभागार में बापू का भजन गाकर उसने ''सीताराम'' बोल दिया तो टुच्चे भाजपाइयों ने माइक पर उससे माफ़ी मंगवाई तथा माता सीता के जय सीताराम की बजाय जय श्रीराम के नारे लगवाए. ये संघी ''सीता माता'' सहित महिलाओं का अपमान क्यों करते हैं?