कानपुर: कानपुर की सड़कों पर एक वक्त ऐसा लगा जैसे रोहित शेट्टी की फिल्म सिंघम की शूटिंग हो रही हो. 12 ब्लैक स्कॉर्पियों नाच रही थी. एक स्कॉर्पियों में भाई बैठा था. उसके साथ आगे वाली सीट पर उसकी प्रेमिका बैठी थी. इंस्टाग्राम के लिए रील बन रहा था. पूरी फिल्मी कहानी को सुनने से पहले सुनिए कौन है गैंगस्टर अजय़ ठाकुर और कैसे 28 साल की उम्र में ही 27 मुकदमों के साथ किंग बन गया. कैसे कानपुर में विकास दूबे की तरह तेज़ी से बड़ा अपराधी बना और कैसे एक सेकेंड में योगी ने मिट्टी में मिला डाला.
अजय ठाकुर नाम का ये गैंगस्टर कानपुर का रहने वाला है. लेकिन कोर्ट ने उसे कानपुर से बाहर रहने की सज़ा सुनाई थी. जिसे कानून की भाषा में जिलाबदर अपराधी कहते हैं. प्रेमिका का जन्मदिन मनाना था तो उसने रिस्क लिया, और सोचा क्या कर लेगी बाबा की पुलिस? वो कानपुर में आता है. गाड़ी पर बकायदे लाल बत्ती, हूटर सबकुछ लगा था. हैरानी की बात ये थी कि गाड़ी पर नंबर प्लेट तक नहीं था. कोई देखकर कैसे रोक सकता था? महिंद्रा स्कॉर्पियों का ऐसा भौकाल जमाया कि खुद आनंद महिंद्रा वीडियो देख रहे होंगे. 27 साल के अजय ठाकुर पर एक नहीं कुल 27 मुकदमे हैं. गुंडा एक्ट में उसके नाम पर FIR भी है. 6 जनवरी को उसकी प्रेमिका का जन्मदिन था.

दोस्तों को बुलाया, काफिला निकाला. और स्टंट शुरू करता है. कार में बैठी मोहतरमा भी खुश दिखाई देती है. और वो भी हाथ उठाकर इशारा करती है. हालांकि कुछ देर में ऐसा ड्रामा शुरू होने वाला था, जिसका अंदाजा किसी को नहीं था. इधर भौकाल जमाकर गर्लफ्रेंड को घर छोड़कर अजय ठाकुर घर पहुंचा तो UP पुलिस भी पहुंच गई. योगी ने एक रैली में कहा था अच्छे-अच्छे माफियाओं की पैंट गिली हो जाती है. तो फिर ये अजय ठाकुर तो अभी छोटा डॉन है. पुलिस को देखकर पहले रोता है. कानपुर की बर्रा पुलिस गिरफ्तार करना चाहती थी. तभी अजय ठाकुर घर की छत पर चढ़ गया. सोले फिल्म की तरह घर के छज्जे से लटक गया. जान देने की धमकी देने लगा..

कई घण्टे तक ड्रामा किया, वो ड्रामा इसलिए कर रहा था. ताकि उसके रिश्तेदार लखनऊ तक पहुंच लगाकर पुलिस को लौटने पर मज़बूर कर दें, पर योगीराज़ में ऐसा संभव नहीं था. अब दो तस्वीर देखिए. ये वाला अजय ठाकुर जो यूपी की कानून व्यवस्था को हवा में उड़ा रहा था. उसके बाद ये वाली तस्वीर देखिए. कुछ घण्टे में इसके साथ पुलिस ने ऐसा क्या किया कि ये लंगड़ाने लगा. जब इसे पुलिस गिरफ्तार कर रही थी. तब ये ईंट से हमला भी करता है. अंदाज़ एकदम विकास दुबे वाला ही था.

अजय ठाकुर जेल में बंद हो गया. लेकिन तमाशा अभी बाकी था. सवाल ये है कि वो लड़की कौन थी? अगर अजय ठाकुर गैंगस्टर था तो क्या वो लड़की ये बात नहीं जानती थी? उसके भविष्य के साथ अब क्या होगा? और क्या लड़की को भी सज़ा होनी चाहिए? उसके गैंग में शामिल दोस्तों को भी गिरफ्तार कर लिया गया. पूरा भौकाल बिगड़ गया. अजय ठाकुर की इंटरनेशनल बेइज्जती हो गई. योगी साफ कहते हैं जो कायदे में रहेगा वो फायदे में रहेगा. ब्लैक गाड़ी का भौकाल, गर्लफ्रेंड का जन्मदिन भी हो गया बेकार. पार्टी हो गई भंग, चेहरा हो गया बेरंग. अजय ठाकुर लगा रोने, दोस्त हुए बेगाने. गर्लफ्रेंड का छूटा साथ. जेल में पुलिस ने चखाया लाठी का स्वाद.