मेरठ के डॉ. भीमराव अंबेडकर हवाई अड्डे से हेलीकॉप्टर चोरी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यह घटना 10 मई 2024 को हुई, जब 10 से 15 बदमाशों का एक गिरोह एयरपोर्ट की सुरक्षा को तोड़कर अंदर घुस गया और वहां खड़े एक हेलीकॉप्टर को खोलकर उसके हिस्सों को गाड़ी में लादकर फरार हो गया. इस घटना के दौरान जब पायलट और अन्य स्टाफ ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो उन पर हमला भी किया गया.
इस मामले की शिकायत एयर एंबुलेंस के पायलट रविंद्र सिंह ने बुधवार को मेरठ के एसएसपी विपिन टांडा से की. पायलट ने पुलिस को पहले से कई ईमेल भेजकर इस घटना की जानकारी दी थी, लेकिन तब पुलिस को हेलीकॉप्टर चोरी की कोई खबर नहीं थी.
इस मामले पर बात करते हुए रविंद्र सिंह ने बताया कि VT TBB नामक हेलीकॉप्टर डॉ. भीमराव अंबेडकर एयरफील्ड पर 10 मई को खड़ा था. यह एयरफील्ड मेरठ के पर्तापुर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आता है. उस दिन कुछ बदमाश एयरस्ट्रिप की सुरक्षा को तोड़कर अंदर घुसे और हेलीकॉप्टर को खोलने लगे. इस घटना की जानकारी स्थानीय स्टाफ से मिलने के बाद पायलट मौके पर पहुंचे.
पायलट रविंद्र सिंह ने अपनी शिकायत में बताया कि 10 से 15 लोग हेलीकॉप्टर को घेरकर उसके हिस्सों को खोल रहे थे. जब उन्होंने इस काम को रोकने की कोशिश की, तो उन लोगों ने उन्हें पीटा और धमकाया. इसके बाद बदमाश हेलीकॉप्टर के हिस्सों को गाड़ी में लादकर वहां से भाग निकले.
पायलट रविंद्र सिंह ने तुरंत पर्तापुर पुलिस स्टेशन को घटना की सूचना दी. पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन वे बदमाशों को रोकने में असफल रहे और वे हेलीकॉप्टर लेकर भाग गए. पायलट का कहना है कि उन्होंने इस घटना को लेकर कई बार शिकायत की, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. मेरठ के सीओ अंतरिक्ष जैन ने बताया कि इस मामले में पीड़ित की तरफ से एसएसपी को शिकायत दी गई है और अब इस मामले की जांच उन्हें सौंपी गई है.
बता दें, ये पूरी घटना 10 मई को हुई थी, लेकिन सवाल उठता है कि पीड़ित ने अब तक शिकायत क्यों नहीं की. पुलिस अब उस ट्रक की पहचान कर रही है, जिसमें हेलीकॉप्टर के हिस्सों को ले जाया गया था. ट्रक के ड्राइवर से भी पूछताछ की जाएगी और हेलीकॉप्टर को ढूंढ़ने की कोशिश की जाएगी. एसएसपी विपिन टांडा ने बताया कि पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर रही है. प्रारंभिक जांच में ऐसा लगता है कि यह मामला हेलीकॉप्टर चोरी का नहीं है. मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और जल्द ही सच्चाई का पता लगाया जाएगा.