नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शनिवार को नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक की. यह मुलाकात BRICS के न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन को अपनाए जाने के बाद हुई. सात साल बाद भारत आए जिनपिंग के साथ मोदी की यह बैठक दोनों देशों के रिश्तों में जारी सुधार के बीच बेहद अहम मानी जा रही है.
सीमा विवाद से व्यापार तक अहम मुद्दे
बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-चीन संबंधों को आगे बढ़ाने और सहयोग के नए रास्ते तलाशने पर चर्चा की. दोनों देशों के बीच 2020 के गलवान संघर्ष के बाद संबंधों में तनाव आया था, लेकिन 2024 में सीमा पर डिसएंगेजमेंट के बाद रिश्तों में धीरे-धीरे नरमी के संकेत मिले हैं.
व्यापार घाटा भी बड़ी चुनौती
भारत और चीन के बीच व्यापारिक असंतुलन भी बातचीत का महत्वपूर्ण मुद्दा है. भारत का चीन के साथ व्यापार घाटा काफी बढ़ चुका है और नई दिल्ली लंबे समय से चीनी बाजार में भारतीय कंपनियों के लिए बेहतर पहुंच की मांग करती रही है.
सात साल बाद भारत आए जिनपिंग
शी जिनपिंग करीब सात साल बाद भारत पहुंचे हैं. उनके इस दौरे को दोनों देशों के रिश्तों में नई शुरुआत की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. BRICS सम्मेलन के लिए दिल्ली पहुंचे जिनपिंग का स्वागत केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने किया.
रिश्तों में ‘थॉ’ के बीच बढ़ी उम्मीद
मोदी-जिनपिंग बैठक ऐसे समय हुई है जब भारत और चीन के बीच सीधी उड़ानें बहाल करने और व्यापारिक संपर्क बढ़ाने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं. हालांकि सीमा विवाद समेत कई मुद्दे अभी भी चुनौती बने हुए हैं.