नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने शहरी क्षेत्रों में किफायती आवास उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 (PMAY-U 2.0) के तहत 29 हजार से अधिक अतिरिक्त घरों को मंजूरी दी गई है. इसके साथ ही योजना के तहत स्वीकृत मकानों की कुल संख्या बढ़कर 18.77 लाख हो गई है. यानी अब सरकार का 20 लाख घरों के लक्ष्य तक पहुंचना करीब नजर आ रहा है.
20 लाख के आंकड़े से बस थोड़ा दूर
ताजा मंजूरियों के बाद PMAY-U 2.0 के तहत स्वीकृत घरों की संख्या 18.77 लाख हो गई है. करीब 1.23 लाख और मकानों की मंजूरी के साथ यह आंकड़ा 20 लाख तक पहुंच जाएगा. सरकार का जोर शहरी इलाकों में आवास की जरूरत को पूरा करने और योजनाओं को तेजी से जमीन पर उतारने पर है.
शहरी गरीबों को किफायती घर देने पर फोकस
PMAY-U 2.0 का उद्देश्य पात्र शहरी परिवारों को पक्का और किफायती आवास उपलब्ध कराना है. योजना के तहत केंद्र सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के जरिए लाभार्थियों को आवास निर्माण और खरीद के लिए सहायता उपलब्ध कराती है.
महिला लाभार्थियों को भी प्राथमिकता
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी में महिला सशक्तिकरण पर भी विशेष जोर दिया गया है. योजना के प्रावधानों के अनुसार EWS और LIG परिवारों के लिए घर का स्वामित्व महिला के नाम या पति-पत्नी के संयुक्त नाम पर रखने की व्यवस्था की गई है.
आवास निर्माण में तेजी लाने की कोशिश
केंद्र की ताजा मंजूरी ऐसे समय में आई है जब सरकार शहरी क्षेत्रों में किफायती आवास की उपलब्धता बढ़ाने और लंबित परियोजनाओं को गति देने पर जोर दे रही है. अतिरिक्त घरों की मंजूरी से अलग-अलग शहरों में आवास परियोजनाओं के आगे बढ़ने की उम्मीद है.
‘हाउसिंग फॉर ऑल’ की दिशा में कदम
PMAY-U 2.0 के जरिए सरकार का लक्ष्य शहरी परिवारों की आवास जरूरत को पूरा करना है. 18.77 लाख स्वीकृत मकानों का आंकड़ा इस योजना के लिए अहम पड़ाव है और अब 20 लाख घरों की मंजूरी का आंकड़ा ज्यादा दूर नहीं रह गया है.