नई दिल्ली: गुरुवार को भारतीय रुपए ने मजबूती दिखाते हुए अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 47 पैसे की बढ़त के साथ 94.26 के स्तर पर पहुंच गया. सुबह की ट्रेडिंग में रुपया 94.30 पर खुला और फिर 94.26 तक चढ़ गया. बुधवार को यह 94.73 पर बंद हुआ था, जब इसमें 22 पैसे का लाभ हुआ था.
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के अनुसार, विदेशी मुद्रा गैर-निवासी (बैंक) यानी FCNR(B) जमा योजना के तहत 31 अगस्त तक रिकॉर्ड 127.226 अरब डॉलर का इनफ्लो हुआ है. ओवरसीज फॉरेन करेंसी बॉरोइंग्स (OFCB) और एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग्स (ECB) को मिलाकर कुल इनफ्लो 136.377 अरब डॉलर तक पहुंच गया. इन मजबूत विदेशी मुद्रा प्रवाहों और आरबीआई के सक्रिय हस्तक्षेप ने रुपए को सहारा दिया.
बाजार के जानकारों का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और वैश्विक यील्ड के दबाव के बावजूद रुपए में मजबूती आई. FCNR(B) जमाओं से बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी बढ़ने की संभावना है, जो आरबीआई को रुपए की रक्षा के लिए अतिरिक्त गुंजाइश देती है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, बैंकों द्वारा इन जमाओं को आरबीआई के साथ स्वैप करने पर सिस्टम लिक्विडिटी सरप्लस करीब 10 लाख करोड़ रुपए तक जा सकता है. इस बीच डॉलर इंडेक्स 99.43 पर था (0.16% कम), जबकि ब्रेंट क्रूड 95.48 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था.
अमेरिकी-ईरान तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर चिंताओं के बावजूद रुपए में यह मजबूती देखी गई. शेयर बाजार भी सकारात्मक रहा, बीएसई सेंसेक्स 221 अंक चढ़कर 76,791 पर और निफ्टी 59 अंक बढ़कर 23,974 पर पहुंच गया. बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 6,688 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे थे. कुल मिलाकर, रिकॉर्ड विदेशी मुद्रा जमाओं ने रुपए को मजबूती दी है और आरबीआई की स्थिति को और मजबूत किया है.