नई दिल्ली: लखनऊ के बख्शी का तालाब (बीकेटी) थाना क्षेत्र में गुरुवार रात एक 16 वर्षीय दलित किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म की दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. चार युवकों ने किशोरी को अगवा कर जंगल में ले जाकर इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया. पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए विरोध किया, जिसके बाद आरोपियों ने उसे पीटा और जान से मारने की कोशिश की. किशोरी ने बहादुरी से बाइक पलटाकर खुद को बचाया और शोर मचाकर आसपास के ग्रामीणों को बुलाया.
जानकारी के अनुसार, किशोरी रात करीब 8:30 बजे अपने पुराने घर से नए घर की ओर जा रही थी. रास्ते में सुनसान जगह पर दो युवकों ने उसे जबरन पकड़ लिया और मुंह दबाकर बाइक पर बिठा लिया. इसके बाद उसे जंगल में ले जाया गया, जहां चारों युवकों ने मिलकर उसके साथ दुष्कर्म किया. किशोरी ने हिम्मत दिखाते हुए बाइक पलट दी और शोर मचाया, जिससे ग्रामीण मौके पर पहुंच गए. ग्रामीणों ने एक आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया. पुलिस ने बाद में दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शिवा सिंह और राज के रूप में हुई है, जबकि दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं. पुलिस उनकी तलाश में छापेमारी कर रही है.
घटना के बाद पीड़िता के परिजनों ने थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज की. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने शुरू में मामले में कार्रवाई करने में आनाकानी की. पीड़िता के परिवार और स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की सुस्ती के कारण आरोपियों को भागने का मौका मिला. इस बीच, लाखन आर्मी के प्रमुख सूरज पासी ने सोशल मीडिया पर इस घटना को उठाया और लखनऊ पुलिस व यूपी पुलिस को टैग कर कार्रवाई की मांग की. इसके बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया और बाकी की तलाश शुरू की.
पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करवाया है और उसका बयान दर्ज किया गया है. मामले में सामूहिक दुष्कर्म और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों को जल्द पकड़ लिया जाएगा. इस घटना ने स्थानीय समुदाय में आक्रोश पैदा कर दिया है, और लोग किशोरी को न्याय दिलाने के लिए कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
यह घटना एक बार फिर नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा और पुलिस की जवाबदेही पर सवाल खड़े करती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि बीकेटी जैसे क्षेत्रों में रात के समय सुनसान जगहों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है. यह मामला समाज में गहरी चिंता का विषय बन गया है, और लोग चाहते हैं कि दोषियों को कठोर सजा दी जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों.