दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट में जज की कुर्सी पर बैठे थे जस्टिस अमिताभ रावत. सामने कस्टडी में खड़े थे अरविंद केजरीवाल. सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक डीपी सिंह कुछ सबूत पेश करते हैं औऱ कहते हैं जज साहब सीबीआई को केजरीवाल की कस्टडी चाहिए. केजरीवाल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी विरोध करते हैं पर विरोध कमजोर पड़ जाता है.
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तभी केजरीवाल कहते हैं जज साहब ये लोग जो कुछ भी कह रहे हैं. उससे मेरा लेना-देना नहीं है. शराब घोटाले से जुड़ा प्लान मनीष सिसोदिया ने बनाया था. ये सुनते ही जज साहब थोड़ी देर के लिए सोच में पड़ जाते हैं. लेकिन उसके बाद सीबीआई कुछ ऐसे सबूत पेश करती है कि जज साहब सीधा आदेश दे देते हैं कि केजरीवाल को आप गिरफ्तार कर सकते हैं.
केजरीवाल के साथ कोर्ट में उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल, AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह और दिलीप पांडे भी खड़े थे, सबका चेहरा ये फैसला सुनते ही उतर जाता है. लेकिन उसके बाद केजरीवाल जो करते हैं उसकी उम्मीद किसी को नहीं थी. केजरीवाल कहते हैं जज साहब मुझे घबराहट हो रही है. ऐसा लग रहा है शुगर लेवल डाउन हो रहा है. मुझे इलाज की जरूरत है.
तुरंत केजरीवाल को कोर्टरूम से बाहर निकालकर दूसरे कमरे में ले जाया जाता है. वहां थोड़ी देर आराम के बाद तबRयत ठीक हो जाती है. शायद वो बीमारी के आधार पर जमानत लेना चाहते थे, ताकि जस्टिस अमिताभ रावत को दया आ जाए. लेकिन ऐसा हुआ नहीं बल्कि केजरीवाल की सारी चाल फेल हो गई और सुप्रीम कोर्ट में जमानत वाली जो याचिका दाखिल की थी. उसे भी वापस लेना पड़ा, लेकिन कई लोग ये दावा करते हैं कि केजरीवाल की तबीयत कोर्ट की सिंपैथी पाने के लिए नहीं बिगड़ी थी बल्कि 25 जून की रात केजरीवाल के साथ कुछ ऐसा हुआ, जिससे कई रात अब केजरीवाल सो नहीं पाएंगें.
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25 जून की रात केजरीवाल के साथ क्या हुआ?
25 जून की रात जब केजरीवाल आराम फरमा रहे थे, तब उनकी सेल में सीबीआई के अधिकारी जाते हैं और पूछताछ करते हैं. पूछताछ के दौरान अधिकारियों की भाषा कुछ ऐसी होती है, जो केजरीवाल को पसंद नहीं आती. केजरीवाल बार-बार यही कहते हैं कि मैंने कुछ नहीं किया. लेकिन सीबीआई अधिकारियों के हाथ में जो फाइल होती है, उसमें जो सबूत होते हैं, उसे केजरीवाल झूठला नहीं पाते.और यहीं फंस जाते है. सीबीआई केजरीवाल की फाइल कोर्टरूम में पेश करती है, जिसमें दो बड़े सबूतों का जिक्र होता है.
सबूत नंबर 1- 16 मार्च 2021 को अरविंद केजरीवाल ने शराब कारोबारी मंगुट्टा रेड्डी से मुलाकात की, रेड्डी ने फिर के कविता से मुलाकात की और नई शराब नीति आई.
सबूत नंबर 2- सारे लेन-देन कैश में हुए हैं, हमें 44 करोड़ के लेन-देन का पता चला है, यह भी पता चल गया है कि ये पैसा गोवा कैसे पहुंचा, केजरीवाल की भूमिका मिली है.
हालांकि इसे देखने के बाद भी केजरीवाल नहीं मानते, बल्कि अभिषेक मनु सिंघवी ये तक कह देते हैं कि हमारे मुवक्किल को बार-बार बेवजह परेशान किया जा रहा है. जिसे सुनते ही सीबीआई के वकील जो कहते हैं, वो केजरीवाल की गिरफ्तारी के लिए काफी था.
सीबीआई के वकील कहते हैं केजरीवाल जब जमानत पर थे, तब हमने पूछताछ नहीं की. बल्कि इंतजार किया. सबूतों को खंगाला और अब कार्रवाई कर रहे हैं. यानी एक चीज साफ दिख रही है कि सरजी का बाहर आना फिलहाल मुश्किल है, क्योंकि सीबीआई के सबूतों वाले शिकंजे से छूटना आसान नहीं होगा.