पहले से नारकोटिक्स मामले में फंसे यूट्यूबर और बिग बॉस OTT 2 के विनर एल्विश यादव की मुश्किलें कम होने की बजाए बढ़ती जा रही है. एल्विश को दिल्ली पुलिस ने अब एक धोखाधड़ी के मामले में तालाब किया है. दरअसल दिल्ली पुलिस ने 500 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी वाले एप्लिकेशन के मामले में कॉमेडियन भारती सिंह, यूट्यूबर एल्विश यादव और तीन अन्य व्यक्तियों को तलब किया है. इस मामले में लगभग 500 शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिनमें आरोप लगाया गया है कि कई यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया हस्तियों ने लोगों को 'HIBOX' नाम के स्मार्टफोन एप्लिकेशन के जरिए निवेश करने के लिए प्रेरित किया था.
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (IFSO स्पेशल सेल) हेमंत तिवारी ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि, "HIBOX एक मोबाइल एप्लिकेशन है जो एक सुनियोजित धोखाधड़ी का हिस्सा है." उन्होंने कहा कि, आरोपियों ने इस एप्लिकेशन के जरिए निवेशकों को हर दिन एक से पांच प्रतिशत या महीने में तीस से नब्बे प्रतिशत का लाभ देने का वादा किया. यह एप्लिकेशन फरवरी 2024 में लॉन्च हुआ था और इसके उपयोगकर्ताओं की संख्या 30,000 से अधिक हो गई थी. पहले पांच महीनों में निवेशकों को अच्छे रिटर्न मिल रहे थे. लेकिन जुलाई के महीने में, एप्लिकेशन ने लोगों को पैसे देना बंद कर दिया. इसका कारण कानूनी समस्याएं, जीएसटी से संबंधित मुद्दे और तकनीकी कठिनाइयां बताई गईं. DCP तिवारी ने कहा, "आरोपी कंपनियां नोएडा, उत्तर प्रदेश में अपना कार्यालय बंद करने के बाद गायब हो गईं."
पुलिस के अनुसार, इस धोखाधड़ी का मुख्य आरोपी 30 वर्षीया शिवराम है, जो चेन्नई का निवासी है. शिकायत के अनुसार, इस एप्लिकेशन को प्रमोट करने के लिए सोशल मीडिया के कई लोकप्रिय चेहरे जैसे एल्विश यादव, अभिषेक मल्हान, सौरव जोशी, पुरव झा, भारती सिंह, हर्ष लिंबाचिया, लक्ष्या चौधरी, आदर्श सिंह, अमित, और दिलराज सिंह रावत को शामिल किया गया. पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी शिवराम को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसकी चार अलग-अलग बैंक खातों में से 18 करोड़ रुपये भी जब्त किए गए हैं.
आपको बता दें, 16 अगस्त को 29 पीड़ितों ने HIBOX एप्लिकेशन के संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. निवेश पर उन्हें हाई रिटर्न का वादा किया गया था. भारतीय न्याय संहिता और आईटी अधिनियम के संबंधित धाराओं के तहत 20 अगस्त को स्पेशल सेल ने औपचारिक शिकायत दर्ज की. इस मामले की जांच के दौरान, साइबर नॉर्थईस्ट जिले से नौ व्यक्तियों ने भी HIBOX के खिलाफ कई शिकायतें की हैं. IFSO को इन नौ मामलों को संभालने का काम सौंपा गया है. NCRP पोर्टल, नॉर्थईस्ट जिले, आउटर जिले और शाहदरा द्वारा पुलिस में 500 से अधिक शिकायतें दर्ज की गई हैं.
DCP ने कहा, "हमारी टीम ने धोखाधड़ी में शामिल भुगतान गेटवे और बैंक खातों की जानकारी प्राप्त की." जांच के दौरान चार ऐसे खातों की पहचान की गई जो धोखाधड़ी के पैसे निकालने के लिए इस्तेमाल किए गए थे. पुलिस इस मामले में PhonePe और EASEBUZZ की भूमिका की भी जांच कर रही है.