नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक भीषण हादसे में पांच मंजिला इमारत (बॉयज पीजी) अचानक भरभराकर गिर गई। इस दर्दनाक हादसे में कई लोगों के हताहत होने की पुष्टि हुई है, जबकि दर्जनों छात्रों के मलबे में दबे होने की आशंका है। घटना के बाद जहां एनडीआरएफ, दमकल विभाग और पुलिस की टीमें युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं, वहीं इस मामले ने अब तूल पकड़ते हुए एक बड़ा सियासी मोड़ ले लिया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने छात्रों की सुरक्षा और लचर शैक्षणिक इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है।
अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री ने हादसे से महज एक दिन पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) का दौरा किया था। वहां उन्होंने अपने राजनीतिक संबोधन में 'दिमागी नक्सल' जैसे शब्दों का इस्तेमाल तो किया, लेकिन देश के चरमराते शैक्षणिक बुनियादी ढांचे और छात्रों की स्थिति पर कोई बात नहीं की। दिपके ने तंज कसते हुए सवाल किया, "क्या प्रधानमंत्री अब दोबारा डीयू जाकर देश और छात्रों को बताएंगे कि यह खौफनाक हादसा आखिर कैसे हुआ?"
छात्रों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सीजेपी नेता ने कहा कि आदिवासी इलाकों में बुनियादी सुविधाओं और मदद के अभाव में छात्र दम तोड़ रहे हैं, और अब देश की राजधानी में भी छात्र सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूछा, "आखिर कब तक देश के होनहार छात्र इस जर्जर सिस्टम और खराब इंफ्रास्ट्रक्चर की कीमत अपनी जान देकर चुकाते रहेंगे? क्या छात्रों के लिए सुरक्षित क्लासरूम, सुरक्षित हॉस्टल और बुनियादी गरिमा मांगना बहुत ज्यादा है?"
स्थानीय लोगों के अनुसार, 'हॉस्टल डेज' नाम की इस इमारत में करीब 15 कमरे थे, जिनमें मोतीलाल नेहरू कॉलेज, एआरएसडी और वेंकटेश्वर कॉलेज के 35 से 50 छात्र रह रहे थे। हादसे के वक्त कुछ छात्र सो रहे थे। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इमारत के बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था, जहां बारिश का पानी भरने की वजह से नींव काफी कमजोर हो चुकी थी। इस हादसे के बाद दिल्ली में चल रहे अवैध और असुरक्षित निजी पीजी के सुरक्षा ऑडिट की मांग भी तेज हो गई है।