लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के शीर्ष नेतृत्व में एक बार फिर बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने संगठन में नया शक्ति संतुलन बनाते हुए अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को पार्टी का 'मुख्य सेक्टर प्रभारी' नियुक्त कर दिया है। ईशान, पार्टी के पूर्व नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद के छोटे भाई हैं। मायावती के इस फैसले के बाद सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि पार्टी में अब आकाश आनंद को किनारे कर उनके छोटे भाई को आगे बढ़ाया जा रहा है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, नवनियुक्त मुख्य सेक्टर प्रभारी ईशान आनंद को करीब 15 राज्यों में बसपा के संगठनात्मक कामकाज, बूथ स्तर की तैयारियों और पार्टी गतिविधियों की समीक्षा करने की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। संगठनात्मक ढांचे के तहत ईशान आनंद अपने कामकाज की रिपोर्ट सीधे अपने पिता और बसपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार को सौंपेंगे। लंदन की यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टमिंस्टर से कानून की पढ़ाई पूरी कर चुके 27 वर्षीय ईशान को बसपा अब एक शिक्षित और नए युवा चेहरे के तौर पर आगे बढ़ा रही है।
दूसरी ओर, पार्टी से लगातार किनारे किए जा रहे आकाश आनंद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपना बायो बदल लिया है। उन्होंने अपनी प्रोफाइल से सभी पद हटाकर खुद को केवल 'बसपा समर्थक' (BSP Supporter) बताया है। इससे पहले वे खुद को कार्यकर्ता बता रहे थे। हाल ही में मायावती ने आकाश आनंद को 'राजनीतिक रूप से अपरिपक्व' बताते हुए चीफ नेशनल कोऑर्डिनेटर के पद से हटा दिया था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आकाश को एक बार फिर पार्टी से पूरी तरह निष्कासित किए जाने की अटकलें तेज हैं, खासकर तब जब उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ को भी हाल ही में पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जा चुका है।
बसपा की हालिया राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में भी आकाश आनंद नदारद रहे, जबकि ईशान आनंद मंच पर मायावती और अपने पिता के साथ नीले पटके में नजर आए थे। आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए मायावती की यह रणनीति संगठन में नए सिरे से कमान कसने और दलित-युवा वोट बैंक को एकजुट रखने के बैकअप प्लान के तौर पर देखी जा रही है।