दिल्ली के व्यापार पर विरोध प्रदर्शन की मार! सिर्फ अक्टूबर में 3 हजार करोड़ का नुकसान, 700 बाजार प्रभावित

Amanat Ansari 17 Oct 2026 03:11 PM 1 Mins
दिल्ली के व्यापार पर विरोध प्रदर्शन की मार! सिर्फ अक्टूबर में 3 हजार करोड़ का नुकसान, 700 बाजार प्रभावित

CJP Protest: दिल्ली में अक्टूबर महीने में हो रहे लगातार धरने-प्रदर्शनों से व्यापारियों को अब तक करीब 3000 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है. चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने यह जानकारी दी. उनके अनुसार, 10 अक्टूबर को हुए पहले बड़े प्रदर्शन में अकेले 2000 करोड़ का नुकसान हुआ. इसके बाद 13 से 16 अक्टूबर के बीच सेंट्रल दिल्ली में नाकाबंदी, मेट्रो स्टेशन बंद होने और सेंट्रल पार्क बंद रहने से अतिरिक्त 1000 करोड़ का नुकसान हुआ.

सेक्टर के अनुसार नुकसान का ब्योरा

  • रिटेल व्यापार: 1800 करोड़ रुपये (60%)
    सदर बाजार, चांदनी चौक, कश्मीरी गेट, चावड़ी बाजार, भागीरथ प्लेस, गांधी नगर, करोल बाग, कनॉट प्लेस समेत दिल्ली के 700 से ज्यादा बाजार प्रभावित हुए. नवरात्रि और दिवाली की पीक खरीददारी ठप पड़ गई.
  • थोक व्यापार और बाहरी खरीदार: 600 करोड़ रुपये (20%)
    सोनीपत, पानीपत, गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद और राजस्थान से आने वाले 3-4 लाख थोक खरीदार दिल्ली नहीं आए. ट्रकों की आवाजाही रुकी और सप्लाई चेन टूट गई.
  • हॉस्पिटैलिटी और सर्विस सेक्टर: 300 करोड़ रुपये (10%)
    होटल, रेस्टोरेंट, सिनेमा हॉल, ब्यूटी पार्लर और जिम में 80% बुकिंग कैंसिल हो गईं. कनॉट प्लेस और खान मार्केट में शाम की बुकिंग लगभग शून्य रही.
  • ट्रांसपोर्ट, ऑटो-टैक्सी और टूरिज्म: 180 करोड़ रुपये (6%)
    20 से ज्यादा मेट्रो स्टेशन बंद रहे, लंबे जाम और बस रूट डायवर्ट होने से ऑटो-टैक्सी चालकों की रोजी-रोटी प्रभावित हुई.
  • अनौपचारिक सेक्टर: 120 करोड़ रुपये (4%)
    दिहाड़ी मजदूर, कारीगर, हॉकर और लोडिंग-अनलोडिंग वाले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए. गांधी नगर और सदर बाजार में 50 हजार से ज्यादा दिहाड़ी मजदूर बेरोजगार बैठे रहे.

CTI की चेतावनी और मांग

बृजेश गोयल ने कहा कि नवरात्रि, रामलीला और दिवाली पूरे साल की कमाई का सबसे महत्वपूर्ण समय है. अगर हर हफ्ते प्रदर्शन होते रहे तो दिवाली तक नुकसान 10,000 करोड़ पार कर सकता है. CTI ने सरकार से मांग की है कि दिवाली तक सेंट्रल दिल्ली, नई दिल्ली और लुटियंस जोन में किसी भी धरने-प्रदर्शन पर पूरी रोक लगाई जाए.

भविष्य के लिए बाहरी दिल्ली (बुराड़ी, रोहिणी, द्वारका) में परमानेंट प्रोटेस्ट जोन बनाया जाए. हुए नुकसान के लिए व्यापारियों को राहत पैकेज, बिजली-पानी बिल और GST में छूट दी जाए. पुलिस दुकानदारों पर जबरन दुकान बंद करने का दबाव न बनाए, बल्कि बाजार खुले रखने की सुरक्षा सुनिश्चित करे.

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