रुपए को सहारा देने के लिए RBI का बड़ा कदम! तेल कंपनियों के लिए स्पेशल डॉलर विंडो खोली, नियमों में सख्ती

Amanat Ansari 10 Oct 2026 02:03 PM 1 Mins
रुपए को सहारा देने के लिए RBI का बड़ा कदम! तेल कंपनियों के लिए स्पेशल डॉलर विंडो खोली, नियमों में सख्ती

नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रुपये को सपोर्ट करने के लिए कई अहम उपायों का ऐलान किया है. इनमें सबसे महत्वपूर्ण है तीन सरकारी तेल कंपनियों के लिए स्पेशल डॉलर विंडो खोलना. RBI इन कंपनियों की रोजाना की पूरी डॉलर जरूरत को पूरा करेगा. आरबीआई इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL), हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) को नामित बैंकों के माध्यम से अमेरिकी डॉलर बेचेगा.

यह व्यवस्था सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी और अगले आदेश तक लागू रहेगी. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि तेल कंपनियां कच्चे तेल के आयात और अन्य विदेशी खर्चों के लिए अपनी रोजाना की विदेशी मुद्रा जरूरत आसानी से पूरी कर सकें. कच्चे तेल का व्यापार मुख्य रूप से डॉलर में होता है, इसलिए रुपये-डॉलर दर में उतार-चढ़ाव आयात लागत को प्रभावित करता है.

अन्य सख्त उपाय

  • डेरिवेटिव सीमा घटाई: कुछ विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव लेनदेन की सीमा 100 मिलियन डॉलर से घटाकर 5 मिलियन डॉलर कर दी गई है. इसका उद्देश्य सट्टेबाजी को रोकना है.
  • 20% विदेशी मुद्रा रिस्क रिजर्व: 2 लाख डॉलर से अधिक के पात्र रुपये से जुड़े फॉरेक्स डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट के लिए 20% का विदेशी मुद्रा रिस्क रिजर्व (FERR) रखना अनिवार्य किया गया है.
  • हेजिंग के लिए सख्त दस्तावेज: डीलरों को यूजर्स से वचन पत्र लेना होगा कि उसी जोखिम को किसी अन्य डीलर के माध्यम से हेज नहीं किया गया है.

ये कदम ऐसे समय में आए हैं जब रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर के करीब बना हुआ है. शुक्रवार को रुपया 96.73 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था. विदेशी मुद्रा भंडार भी लगातार घटकर 734.60 अरब डॉलर रह गया है. आरबीआई के इन उपायों से डॉलर की सट्टा मांग कम होने और रुपये में स्थिरता आने की उम्मीद जताई जा रही है.

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