लखनऊ: लखनऊ के सआदतगंज में कार पार्किंग और चबूतरा निर्माण के विवाद में हुई ट्रिपल मर्डर की घटना में डिप्टी मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पीड़ित परिवार की मांगें मान ली हैं. उन्होंने घोषणा की है कि योगी सरकार मृतकों के आश्रित परिवार के एक सदस्य को नौकरी देगी, बेटी की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाएगी और परिवार को आजीवन सुरक्षा मुहैया कराएगी. साथ ही हत्यारोपी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और उसके अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया जाएगा.
सोमवार सुबह सआदतगंज के ब्राह्मणी टोला मोहल्ले में शिवाजी तिवारी (62), उनके बेटे सुयश (30) और भाई शिवेंद्र उर्फ शम्भू (55) की गोली मारकर हत्या कर दी गई. शिवाजी तिवारी आरएसएस लखनऊ पश्चिम के पूर्व जिला सहकार्यवाह थे और शक्ति भवन से स्टेनो पद से सेवानिवृत्त हुए थे. सुयश बाजारखाला में इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान चलाते थे, जबकि शिवेंद्र लखनऊ विश्वविद्यालय के न्यू कैंपस में बाबू थे.
पुलिस उपायुक्त पश्चिम जितेंद्र श्रीवास्तव के अनुसार, करीब एक महीने से दोनों पक्षों में कार पार्किंग और वट वृक्ष के नीचे चबूतरा निर्माण को लेकर विवाद चल रहा था. सोमवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे शिवाजी तिवारी रोजाना की तरह शिवाला में जल चढ़ाने गए. मंदिर की सीढ़ियों से उतरते समय पड़ोसी ऋषभ शुक्ला ने उन्हें बुलाया. कार मंदिर के सामने खड़ी करने पर विवाद बढ़ा. ऋषभ ने गाली-गलौज की, धक्का दिया और मोबाइल से वीडियो बनाने लगा. शोर सुनकर शिवेंद्र और सुयश भी मौके पर पहुंचे.
परिजनों के अनुसार, ऋषभ ने अपनी बहनों दिव्या और प्रीति को इशारा करके असलहा मंगवाया. परिवार के लोग लाठी-डंडे और पथराव करने लगे. ऋषभ ने पिस्टल निकालकर शिवाजी तिवारी, फिर शिवेंद्र और अंत में सुयश को गोली मार दी. तीनों मौके पर ही मारे गए. पुलिस ने मर्चेंट नेवी कर्मी ऋषभ शुक्ला, उसके पिता दिनेश, गुंडा एक्ट के आरोपी चाचा राजेश और दो बहनों समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. ऋषभ के पास से अवैध पिस्टल और चार कारतूस बरामद हुए हैं. पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा और संयुक्त पुलिस आयुक्त अपर्णा कुमार ने घटनास्थल का निरीक्षण किया.
परिजनों ने शव रखकर प्रदर्शन किया था और आरोपी के घर पर बुलडोजर, एनकाउंटर तथा नौकरी व मुआवजे की मांग की थी. डिप्टी सीएम के आश्वासन के बाद परिवार ने शव उठाने पर सहमति जताई. पुलिस ने सआदतगंज थाना प्रभारी और कश्मीरी मोहल्ला चौकी प्रभारी को निलंबित भी कर दिया है. पूरी घटना से मोहल्ले में दहशत फैल गई है.