नई दिल्ली: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की हिंदू एकता पदयात्रा के छठे दिन हरियाणा के पलवल जिले में एक अप्रत्याशित घटना घटी. गांव खटेला सराय के पास अचानक तेज बुखार चढ़ने से शास्त्री जी सड़क किनारे लेट गए. मौके पर पहुंचे चिकित्सक ने जांच में 100 डिग्री से अधिक तापमान पाया और कम से कम दो दिन पूर्ण विश्राम की हिदायत दी. मगर शास्त्री जी ने दवा ली, थोड़ी देर सांस ली और फिर पैरों पर खड़े हो गए.
यात्रा दोबारा शुरू होते ही हजारों श्रद्धालुओं में नई ऊर्जा का संचार हो गया. उन्होंने कहा, ''यह यात्रा हिंदू समाज को जोड़ने की है. बीमारी कोई बहाना नहीं बन सकती.'' यात्रा के दौरान आतंकवाद पर बोलते हुए शास्त्री जी ने कड़ा संदेश दिया. ''हिंदू एकजुट हो जाएं तो कोई धमाका नहीं होगा. हर आतंकी घटना में एक ही समुदाय का नाम क्यों उभरता है? यह प्रश्न हर हिंदू को खुद से पूछना चाहिए. दिल्ली में अभी 8 लोग शहीद हुए, अगर हम न एक हुए तो 80 हजार की कुर्बानी देनी पड़ेगी.''
उन्होंने चेतावनी दी कि कई शहरों को दहलाने की साजिश रची गई थी. दिल्ली विस्फोट के बाद यात्रा में गीत-संगीत पूरी तरह बंद कर दिया गया है. शास्त्री ने कहा कि विदेशी शक्तियां हमें बांटना चाहती हैं, लेकिन हम कदम से कदम मिलाकर जवाब देंगे. पदयात्रा में करीब 25 हजार भक्त पैदल चल रहे हैं. शास्त्री जी को देखने के लिए युवा क्रेन चढ़ गए, बच्चे पेड़ों पर लटक गए.
गांवों की छतों से फूलों की बारिश हुई, क्रेन से पुष्पवर्षा की गई. शास्त्री जी ने खुद धरती पर बैठकर सादा भोजन किया और एक वृद्ध भक्त के साथ ढोल थापकर सबका मन मोह लिया. आज तुमसरा गांव से शुरू हुई यात्रा 16 किलोमीटर का पड़ाव पूरा करेगी. चार दिन बाद, 16 नवंबर को यह वृंदावन पहुंचेगी. बुखार के बावजूद रुके बिना आगे बढ़ते शास्त्री जी का संकल्प यात्रा को नई ताकत दे रहा है.