चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा में शुक्रवार को भारी राजनीतिक हंगामा देखने को मिला, जब विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर गंभीर आरोप लगाते हुए सदन की कार्यवाही को बाधित कर दिया. कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल ने दावा किया कि मुख्यमंत्री सदन में कथित तौर पर अस्वस्थ या नशे की स्थिति में नजर आए, जिसके बाद विपक्ष ने उनके मेडिकल परीक्षण की मांग उठा दी.
कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के व्यवहार को देखते हुए उनका अल्कोहल टेस्ट कराया जाना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि यदि आवश्यक हो तो विपक्षी विधायक भी जांच के लिए तैयार हैं. इसी मुद्दे पर कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट करते हुए अध्यक्ष से तत्काल कार्रवाई की मांग की.
विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने भी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सदन की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री की स्थिति को लेकर संदेह पैदा हो रहा है तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है.
शिरोमणि अकाली दल ने भी इस घटना को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी और इसे विधानसभा की गरिमा के खिलाफ बताया. पार्टी ने मुख्यमंत्री समेत अन्य विधायकों के स्वास्थ्य परीक्षण की मांग रखी.
वहीं आम आदमी पार्टी की ओर से इस पूरे विवाद पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. विवाद बढ़ने के साथ ही सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया और कार्यवाही प्रभावित रही.