देश के अलग-अलग राज्यों में क्या इस बार मोदी के आदेश पर बुलडोजर चलने वाला है, आखिर ये चर्चा क्यों उठने लगी है, क्या मोदी सरकार के नए कानून में बुलडोजर की बात लिखी जाने वाली है, देश की हजारों मस्जिदें, मदरसें और कब्रिस्तान पर कार्रवाई का संकट क्यों गहरा है, इसे समझने के लिए आपको 2 अगस्त की कैबिनेट मीटिंग का किस्सा सुनना होगा, इस दिन मोदी सरकार अपनी कैबिनेट बैठक में वक्फ बोर्ड पर नए विधेयक को मंजूरी देती है, जिसे अब संसद में पेश किए जाने की तैयारी है, अब सवाल है कि ये वक्फ बोर्ड क्या है, और इससे जुड़ा कौन सा नया कानून आने वाला है, जिसे लेकर इमाम और मौलाना सबको डराने में लगे हैं. तो वक्फ बोर्ड हिंदुस्तान का इकलौता ऐसा बोर्ड है, जिसके पास सेना और रेलवे के बाद सबसे ज्यादा जमीन है, ये अगर आपकी संपत्ति पर नजर डाल दे और कहे के ये संपत्ति हमारी हुई तो आप उसके खिलाफ अदालत भी नहीं जा सकती, इसीलिए मोदी सरकार इसे कंट्रोल करने की तैयारी में है. नए कानून के मुताबिक वक्फ बोर्ड पर सरकार का नियंत्रण शुरू हो जाएगा.
वक्फ बोर्ड से जुड़े नए कानून में क्या है
साल 1995 में जब वक्फ बोर्ड का कानून बना था तो उसे कई अधिकार दिए गए थे, लेकिन साल 2013 में जब कांग्रेस सरकार को ये लगा कि अभी भी वक्फ बोर्ड को और अधिकार दिए जाने की जरूरत है, तो उसने नए संशोधन के जरिए इसके अधिकार और बढ़ा दिए, पर कहते हैं ज्यादा पावर किसी को मदहोश कर देता है और वक्फ बोर्ड को लेकर भी ऐसी कई शिकायतें सरकार के पास पहुंची, जिसमें लिखा था कि साहब हमें इनसे बचा लो. ये मनमानी कर रहे हैं.
हालांकि कई मुस्लिम नेता इन दावों को खारिज करते हैं. हैदराबाद से सांसद और खुद को मुस्लिमों का सबसे बड़ा हमदर्द बताने वाले असदुद्दीन ओवैसी तो ये तक कहते हैं कि ये धार्मिक स्वतंत्रता पर चोट है. वो कहते हैं सरकार की मंशा वक्फ की संपत्तियों को छीनने की है. हालांकि उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री मोहसिन रजा कहते हैं साल 1995 के कानून का वक्फ बोर्ड ने इतना दुरुपयोग किया है कि लंबे वक्त से मुस्लिम समुदाय इस कानून की मांग कर रहा था.
हालांकि ये बिल संसद में पेश हो पाता है कि नहीं ये देखने वाली बात होगी, क्योंकि पिछले दो बार की तरह बीजेपी के पास अकेले बहुमत नहीं है और जेडीयू के नेता इस बिल को लेकर कह रहे हैं कि पहले देखेंगे फिर तय करेंगे कि समर्थन देना है या नहीं. बीजेपी की दूसरी सहयोगी पार्टी टीडीपी जो पहले से ही मुस्लिमों के साथ खड़े होने का दावा करती है. वो इस बिल पर क्या रुख अपनाती है ये देखने वाली बात होगी, पर मोदी सरकार ने इस बिल को कैबिनेट से मंजूरी देकर ये साफ कर दिया है कि अगले 5 साल तक सरकार बिना डरे, बिना रुके चलेगी.
सरकार गिराने की बात करने वाले ध्यान से सुन लें, जैसे पिछली कार्यकालों में फैसले हुए थे, ठीक वैसे ही इस बार भी मोदी सरकार बड़े फैसले लेगी और वक्फ बोर्ड पर आने वाला नया कानून इसका पहला उदाहऱण बनने वाला है. हालांकि कई लोग ये भी कह रहे हैं कि उधर यूपी में नजूल भूमि वाला कानून योगी ला रहे हैं और इधर मोदी वक्फ बोर्ड वाला कानून ला रहे हैं. जो ये बताता है सरकार कुछ भी अपने नियंत्रण से बाहर नहीं रखना चाहती.