वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकी देने के लिए अब ट्रंप-स्टाइल तरीका चुना है. उन्होंने खुलकर तेहरान के पावर प्लांट्स और पुलों पर समन्वित हमलों की चेतावनी दी. हालांकि, धमकी जितनी ही उनकी भाषा भी चर्चा में रही, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को खुलकर गालियां देते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की मांग की.
ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने चेतावनी दी कि ईरान के पावर प्लांट्स और पुलों पर बड़े पैमाने पर हमले हो सकते हैं, जिसे उन्होंने संघर्ष के निर्णायक मोड़ के रूप में पेश किया. हाल के हफ्तों में विश्व की तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरने वाला होर्मुज जलडमरूमध्य एक बड़ा फ्लैशपॉइंट बन गया है.
ट्रंप का यह विस्फोटक बयान ऐसे समय आया है जब ईरान पीछे हटने के कोई संकेत नहीं दिखा रहा है. तेहरान ने रविवार को खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर ताजा हमले किए, जिसमें कुवैत, यूएई और बहरीन की सुविधाओं को निशाना बनाया गया, यह सब ट्रंप की 48 घंटे की डेडलाइन के बावजूद किया गया, जिसमें ईरान से होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने को कहा गया था.
ईरानी पक्ष ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान के अंदर नागरिक लक्ष्यों पर हमले जारी रहे तो क्षेत्र में अमेरिकी आर्थिक हितों पर हमले तेज किए जाएंगे. विस्फोटक पोस्ट से कुछ मिनट पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि अमेरिकी बलों ने ईरान के अंदर गहरे एक दुर्लभ और उच्च-जोखिम वाले रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया, जिसमें एक घायल F-15 क्रू मेंबर को बचाया गया.
उन्होंने कहा कि ईरानी सैनिक उस क्षेत्र में बड़ी संख्या में तलाशी ले रहे थे और मिशन के दौरान उन तक पहुंचने वाले थे. ट्रंप ने मिशन को बेहद खतरनाक बताया और कहा कि अमेरिकी बल कई घंटों तक ईरानी क्षेत्र के ऊपर काम करते रहे, जबकि उनका पता नहीं चलने दिया गया. उन्होंने यह भी पुष्टि की कि एयर फोर्स अधिकारी गंभीर रूप से घायल हुआ था.