इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और रिपब्लिकन नेता डोनाल्ड ट्रम्प ने सुरक्षा एजेंसियों से मिले इनपुट के बाद ईरान को लेकर अब तक की सबसे आक्रामक और बड़ी चेतावनी दी है। खुद पर मंडरा रहे जान के खतरे और खुफिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए डोनाल्ड ट्रम्प ने स्पष्ट किया है कि यदि ईरान ने उन पर या अमेरिका के किसी भी नागरिक पर हमला करने या उन्हें मारने की कोशिश की, तो इसका अंजाम बेहद खौफनाक होगा। ट्रम्प ने सीधे तौर पर तेहरान को चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसी किसी भी हिमाकत के जवाब में ईरान पर 1000 मिसाइलों से विनाशकारी हमला किया जाएगा और उसे पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया जाएगा।
खुफिया एजेंसियों के इनपुट के बाद ट्रम्प का फूटा गुस्सा
अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी एजेंसियों ने हाल ही में डोनाल्ड ट्रम्प की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर अलर्ट जारी किया था। इस अलर्ट में दावा किया गया था कि ईरान ट्रम्प को निशाना बनाने की फिराक में है। इस खुफिया इनपुट के सामने आने के बाद ट्रम्प का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने एक चुनावी रैली व सोशल मीडिया के जरिए ईरान को कड़े लहजे में ललकारा। ट्रम्प ने कहा कि मेरे कार्यकाल के दौरान हमने ईरान की हरकतों पर नकेल कसी थी और अगर वे अब अमेरिकी नेतृत्व को कमजोर समझने की भूल कर रहे हैं, तो यह उनकी सबसे बड़ी गलती होगी।
सीजफायर खत्म होने की आहट और इजरायली फाइटर जेट्स का मूवमेंट
इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बीच मध्य पूर्व (Middle East) में भी तनाव चरम पर पहुंच गया है। सुरक्षा विश्लेषकों के मुताबिक, क्षेत्र में सीजफायर की अवधि खत्म होने (Ceasefire Ends) की आहट के साथ ही सैन्य हलचलें तेज हो गई हैं। ट्रम्प के इस कड़े बयान के साथ ही रक्षा सूत्रों से यह जानकारी भी सामने आ रही है कि रणनीतिक तौर पर इजरायली फाइटर जेट्स (Israel Fighter Jets) को भी संभावित खतरों को देखते हुए री-लोकेट या अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि किसी भी अप्रत्याशित ईरानी हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके।
ट्रम्प ने जोर देकर कहा कि अमेरिका अपनी संप्रभुता और अपने नेताओं की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। अगर ईरान की तरफ से कोई भी उकसावे वाली कार्रवाई या हत्या की साजिश रची गई, तो अमेरिका बिना किसी देरी के 1000 मिसाइलें दागकर ईरान के सैन्य ठिकानों और उसकी लंका को पूरी तरह तबाह कर देगा।