2 सितंबर की सुबह-सुबह जब केजरीवाल तिहाड़ में सोकर उठे, तो ये तय नहीं कर पा रहे होंगे कि खुश होऊं या दुखी रहूं. क्योंकि टीवी पर ख़बर चल रही थी ओखला से आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान के घर ईडी छापा मारने पहुंची है, थोड़ी ही देर में वीडियो भी सामने आता है, जिसमें आप देख सकते हैं, कैसे अमानतुल्लाह और ईडी अधिकारियों के बीच बहस हो रही है, आप भी पूरा वीडियो देखिए, फिर बताते हैं केजरीवाल को सिसोदिया से अमानतुल्लाह से प्यार क्यों है, और अमानतुल्लाह के लिए वो नाश्ता क्यों छोड़ना चाहते हैं.
सामने खड़ा शर्ट-पैंट पहने ईडी अधिकारी चुपचाप सब सुनता रह जाता है, वो थोड़ी देर के लिए मायूस भी होता है, लेकिन कहते हैं केस मुकदमों की जांच भावनाओं से नहीं, कानून के हिसाब से होती है, इसीलिए ईडी के 7 अधिकारी इतने हंगामे के बाद भी अमानतुल्लाह खान के घर के अंदर पहुंचे और उसके बाद छापेमारी की. उधर तिहाड़ जेल से जुड़े सूत्रों के हवाले से ख़बर सामने आई कि केजरीवाल ने ये ख़बर सुनने के बाद नाश्ता नहीं किया, उनके लिए खुशी की बात ये थी कि सिसोदिया औऱ संजय सिंह के बाहर जाने के बाद एक और नेता साथ देने के लिए जेल में आ जाएगा, लेकिन भ्रष्टाचार के आरोप में कोई जेल जाए, एक के बाद एक विधायकों और नेताओं के विकेट गिरते रहे, तो फिर दुख होना लाजिमी है. लेकिन यहां समझना ये जरूरी है कि आखिर अमानतुल्लाह खान के पीछे 8 साल से ईडी की टीम पड़ी क्यों है.

क्या है वक्फ बोर्ड घोटाला
यहां तक कि इस केस में सीबीआई ने भी ये कहा है कि नियुक्ति में गड़बड़ी हुई है, लेकिन अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी जैसा कि पहले से करती आई है, इस बार भी कह रही है कि अमानतुल्लाह को बेवजह परेशान किया जा रहा है.
हालांकि सवाल इस बात का है कि अगर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं तो फिर उसकी जांच नहीं होगी तो क्या होगा, अगर छापे नहीं पड़ेंगे तो क्या ईडी के अधिकारी चाय-पानी पीकर लौट जाएं. जो लोग ये कह रहे हैं कि इतनी सुबह-सुबह छापेमारी क्यों, तो उन्हें फिल्में देखकर भी समझना चाहिए कि अक्सर छापे सुबह ही पड़ते हैं, ईडी हो या सीबीआई वो सुबह-सुबह ही ज्यादातर छापे मारती है, क्योंकि रेड कितनी लंबी चलेगी किसी को नहीं पता होता.