नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate - ED) ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू को स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन मामले में क्लीन चिट दे दी है. ईडी ने कहा है कि कथित अपराध में उनकी कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संलिप्तता नहीं है. 31 जनवरी को विशाखापत्तनम की स्पेशल पीएमएलए कोर्ट में दाखिल एक पूरक चार्जशीट (Supplementary chargesheet) में ईडी ने स्पष्ट किया कि मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े कोई सबूत नायडू से नहीं जुड़ते और उन्हें मामले में आरोपी के रूप में नामित नहीं किया गया है.
पहले की जांच और फैसले
इससे पहले आंध्र प्रदेश क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (AP CID) ने भी पुष्टि की थी कि स्किल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट से जुड़ी कथित अनियमितताओं में नायडू की कोई भूमिका नहीं है. विजयवाड़ा की एसीबी कोर्ट ने भी आरोपों को बनाए रखने के कोई आधार नहीं होने की बात कही थी और मामले को वापस लेने की अनुमति दी थी. यह मामला आंध्र प्रदेश स्टेट स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (APSSDC) से फंड के कथित दुरुपयोग से जुड़ा है, जिसमें राज्य सरकार को 300 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान होने का आरोप था . यह APSSDC-सिमेंस प्रोजेक्ट (2014-2019) से संबंधित है, जो एक पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप था.
सितंबर 2023 में इस मामले में नायडू की गिरफ्तारी हुई थी. उन्होंने राजमुंदरी सेंट्रल जेल में 53 दिनों से अधिक समय बिताया और अक्टूबर 2023 में जमानत मिली. नायडू ने किसी भी गलती से इनकार किया है और इन मामलों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई (Political vendetta) बताया है.
ईडी की नवीनतम जांच और पूरक चार्जशीट इस हाई-प्रोफाइल मामले में एक बड़ा मोड़ है. इससे पहले भी CID और ACB कोर्ट ने नायडू को क्लीन चिट दी थी, और अब ईडी ने भी मनी लॉन्ड्रिंग में उनकी कोई भूमिका नहीं पाई है.