विजयादशमी पर जलेगा सोनम, मुस्कान सहित पति की हत्या करने वाली 11 महिलाओं का पुतला, नाम दिया गया शूर्पणखा

Amanat Ansari 19 Sep 2025 04:46: PM 1 Mins
विजयादशमी पर जलेगा सोनम, मुस्कान सहित पति की हत्या करने वाली 11 महिलाओं का पुतला, नाम दिया गया शूर्पणखा

इंदौर: इस वर्ष विजयादशमी का उत्सव इंदौर में एक अनोखे रूप में रंग लाएगा. पुरुष अधिकार संगठन 'पौरुष' ने रावण दहन के बजाय 11 मुखी शूर्पणखा का प्रतीकात्मक पुतला जलाने का ऐलान किया है. इस पुतले पर उन 11 महिलाओं की फोटो चस्पां की जाएंगी, जो कथित तौर पर अपने पति या बच्चों की निर्मम हत्या जैसी वारदातों में लिप्त रहीं. इनमें राजा रघुवंशी हत्याकांड की आरोपी सोनम रघुवंशी और पति की लाश ड्रम में छिपाने वाली मुस्कान जैसे नाम प्रमुख हैं.

राजा रघुवंशी का कत्ल मध्य प्रदेश को स्तब्ध कर गया था. इंदौर के परिवहन व्यवसायी राजा की शादी के महज कुछ दिन बाद ही पत्नी सोनम ने शिलांग में हनीमून के दौरान प्रेमी व साथियों संग मिलकर उनकी क्रूरता से हत्या करवा दी. इसी तरह मुस्कान ने पति की जान लेने के बाद शव को नीले ड्रम में ठूंस दिया. देशभर में ऐसे कई जघन्य कांडों ने विवाह के बाद पुरुषों की जिंदगी पर सवालिया निशान लगा दिए हैं.

इन घटनाओं से आहत होकर 'पौरुष' ने दशहरे पर शूर्पणखा दहन का फैसला लिया है, ताकि समाज में ऐसी हिंसाओं के प्रति सतर्कता फैलाई जा सके. संगठन का मानना है कि पुरुषों पर हो रहे अत्याचारों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं. इस कदम को विधायक उषा ठाकुर ने खुलकर समर्थन दिया है.

उन्होंने कहा, "रावण कोई व्यक्ति नहीं, बल्कि बुराई की मानसिकता का प्रतीक है. अगर मातृशक्ति ही साजिशें रचने लगे, क्रूरता दिखाने लगे और अपराधों में डूब जाए, तो पृथ्वी का संतुलन ही उलट जाएगा. मां की ताकत सृष्टि का आधार है, राष्ट्र की रीढ़ है. अगर वही विनाश की राह पकड़ेगी, तो समाज में अव्यवस्था और तबाही मच जाएगी."

उन्होंने संगठन के निर्णय को सटीक बताते हुए कहा कि ऐसे अपराधों में फंसी महिलाओं के पुतले जलाकर समाज को चेतावनी देना उचित है. साथ ही, सभी महिलाओं से अपील की कि वे अपनी पवित्रता, नैतिकता और करुणा को फैलाएं, भगवान की सच्ची सिपाही बनें और राक्षसी स्वभाव से दूर रहकर समाज निर्माण में योगदान दें.संगठन के जारी पोस्टर में पौराणिक कथाओं का हवाला देकर संदेश दिया गया है.

इसमें त्रेता काल का जिक्र है कि शूर्पणखा ने राम-लक्ष्मण को विवाह प्रस्ताव ठोंका, जिस पर लक्ष्मण ने उसकी नाक काट दी. नतीजा राम-रावण संग्राम और लाखों निर्दोषों की मौत. द्वापर युग का उदाहरण देते हुए लिखा है कि द्रौपदी के दुर्योधन अपमान से कुरुक्षेत्र युद्ध भड़का, जिसमें करोड़ों जानें गईं. यह पहल इंदौर की सड़कों पर चर्चा का विषय बन चुकी है.

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