मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार की कुछ तस्वीरें और वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। जनता दरबार के दौरान मुख्यमंत्री ने करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनता दरबार में प्रदेश के विभिन्न जिलों से लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे थे। इसी दौरान एक महिला ने मुख्यमंत्री से कहा कि वह बेसहारा है। महिला की बात सुनकर मुख्यमंत्री ने उसे भरोसा दिलाया और कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री की यह प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।
कार्यक्रम के दौरान संतकबीरनगर से जुड़ी एक शिकायत भी मुख्यमंत्री के सामने पहुंची। शिकायत पढ़ने के बाद उन्होंने अधिकारियों से तत्काल मामले को नोट करने और कार्रवाई करने को कहा। मुख्यमंत्री की कार्यशैली को लेकर यह वीडियो भी लोगों के बीच चर्चा में है।

जनता दरबार में मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ताओं को आवेदन प्रक्रिया को लेकर भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि अनावश्यक रूप से लंबी-चौड़ी फाइलें और कागजात लाने की जरूरत नहीं है। समस्या को स्पष्ट और संक्षिप्त रूप से एक आवेदन में लिखकर प्रस्तुत किया जाए, ताकि अधिकारियों को त्वरित निर्णय लेने में सुविधा हो।
एक अन्य शिकायतकर्ता से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी पूछा कि प्रस्तुत किए गए दस्तावेज एक ही मामले से जुड़े हैं या अलग-अलग विषयों से संबंधित हैं। इसके बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए।
सभी शिकायतें सुनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि भूमाफियाओं, दबंगों और आम जनता को परेशान करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए और जरूरतमंद लोगों को हर संभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से इलाज के लिए आर्थिक मदद मांगने वाले लोगों के मामलों को प्राथमिकता देने और जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न होने देने के निर्देश भी दिए। जनता दरबार के दौरान मुख्यमंत्री बच्चों से बातचीत करते और उन्हें टॉफी बांटते हुए भी नजर आए, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।

जनता दरबार के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गौशाला भी पहुंचे, जहां उन्होंने गायों को चारा खिलाया और उनकी देखभाल की व्यवस्था का जायजा लिया। गोरखपुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री अक्सर गौसेवा से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लेते हैं।
मुख्यमंत्री ने हाल के अपने कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में गौसंरक्षण और गौसेवा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। उनका कहना है कि यदि समाज गाय को माता का दर्जा देता है तो उसके सम्मान और संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए।
जनता दरबार की इन तस्वीरों और वीडियो ने एक बार फिर मुख्यमंत्री की जनसुनवाई शैली और प्रशासनिक सक्रियता को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।