शामली के चर्चित आयुष मलिक प्रकरण में जांच लगातार आगे बढ़ रही है। पुलिस कार्रवाई के बीच अब इस मामले में कई नए दावे और खुलासे सामने आ रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आयुष मलिक किन लोगों के संपर्क में था और उसके विचारों में आए बदलाव के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे।
रिपोर्टों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आयुष मलिक ने कई धार्मिक और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों का उल्लेख किया। कुछ मीडिया संस्थानों ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि वह नियमित रूप से नमाज पढ़ने जाता था और विभिन्न धार्मिक व्यक्तियों के भाषण भी सुनता था। पुलिस अब उसके डिजिटल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है।
जांच का दूसरा बड़ा पहलू कथित आर्थिक साजिश से जुड़ा बताया जा रहा है। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि करोड़ों रुपये की संपत्ति को लेकर भी पुलिस विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
इस मामले में आयुष मलिक के पिता देवराज मलिक की शिकायत पर पहले ही कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। शिकायत में चांदनी कुरैशी, उसके परिजनों, कुछ मौलानाओं और अन्य लोगों का नाम शामिल होने की बात कही गई है। परिवार का आरोप है कि उनके बेटे को प्रभावित करने और परिवार से दूर करने की साजिश रची गई।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने अब 50 से अधिक संदिग्ध लोगों को निगरानी सूची में रखा है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस मामले के तार उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों या दूसरे राज्यों तक जुड़े हैं या नहीं।
सूत्रों के मुताबिक, शामली, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और अन्य स्थानों पर पुलिस टीमों द्वारा दबिश दी जा रही है। मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर फरार आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश जारी है।
इस बीच आयुष मलिक के परिवार ने सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच सभी पहलुओं से की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
फिलहाल यह मामला उत्तर प्रदेश के सबसे चर्चित मामलों में शामिल है और जांच एजेंसियां इसके हर पहलू की गहन पड़ताल कर रही हैं।