गाजियाबाद: सूर्या चौहान प्रकरण के बाद गाजियाबाद में अवैध कब्जों और सरकारी जमीनों पर बने निर्माणों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई तेज होती दिखाई दे रही है। मसूरी क्षेत्र के कल्लूगढ़ी इलाके में सरकारी जमीन पर बने एक कथित अवैध मदरसे को प्रशासन ने भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ध्वस्त कर दिया।
प्रशासन के अनुसार यह निर्माण करीब 18 बीघे भूमि पर फैला हुआ था। कार्रवाई के दौरान 800 से अधिक पुलिसकर्मी और सुरक्षा बल तैनात किए गए, जबकि निर्माण को गिराने के लिए 8 बुलडोजरों का इस्तेमाल किया गया। अधिकारियों का कहना है कि परिसर में सात पक्के कमरे और अन्य निर्माण मौजूद थे।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक जिस जमीन को कब्जामुक्त कराया गया है उसकी अनुमानित कीमत करीब 25 करोड़ रुपये बताई जा रही है। प्रशासन का दावा है कि मदरसे का संचालन दिल्ली निवासी फर्रुख नामक व्यक्ति द्वारा किया जा रहा था। अब निर्माण के लिए धन कहां से आया और जमीन पर कब्जा किस प्रकार किया गया, इसकी भी जांच की जा सकती है।
गाजियाबाद के जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने बताया कि मसूरी क्षेत्र में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायतों की जांच के बाद कार्रवाई की गई।
उनके अनुसार लगभग 5 हेक्टेयर सरकारी भूमि दर्ज है, जिसमें करीब 1 हेक्टेयर जमीन पर मदरसा नबिया इस्लाम द्वारा कब्जा किया गया था। अवैध निर्माण हटाने के साथ ही मदरसा संचालक से 1.23 करोड़ रुपये की रिकवरी करने का आदेश भी दिया गया है।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यदि निर्धारित राशि जमा नहीं की जाती है तो आगे कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
जानकारी के अनुसार इस मदरसे को करीब तीन वर्ष पहले बंद करने का आदेश दिया गया था। हालांकि संचालन बंद होने के बावजूद भवन और अन्य निर्माण मौजूद थे। अब प्रशासन ने पूरे परिसर को ध्वस्त कर सरकारी जमीन को कब्जामुक्त करा लिया है।
कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल और RAF की तैनाती की गई थी।

रिपोर्टों के अनुसार गाजियाबाद में सरकारी भूमि पर बने लगभग 400 मदरसों और कब्रिस्तानों की सूची तैयार की गई है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा इन मामलों की समीक्षा की जा रही है।
इसके अलावा "उम्मीद पोर्टल" पर सूचीबद्ध 323 वक्फ संपत्तियों के दावों की भी जांच चल रही है। संबंधित पक्षों को दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए समय दिया गया है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अवैध निर्माणों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई तेज हो सकती है।
खोड़ा क्षेत्र समेत कई इलाकों में पुलिस का विशेष सत्यापन अभियान भी चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार संदिग्ध और वांछित व्यक्तियों की पहचान के लिए घर-घर जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।