नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र में 12 राज्यों में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर विपक्ष के लगातार हंगामे के बीच मंगलवार को मोदी सरकार ने साफ कर दिया कि मतदाता सूची की सफाई (SIR) पर कोई चर्चा नहीं होगी. हालांकि, सूत्रों के मुताबिक सरकार चुनाव सुधारों पर व्यापक चर्चा के लिए तैयार है और यह चर्चा 9 दिसंबर को होगी.
सरकारी सूत्रों ने मीडिया को बताया, “SIR पर कोई चर्चा संभव नहीं है. अगर विपक्ष हंगामा करता रहा तो हम अपने विधेयक आगे बढ़ाते रहेंगे.” केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने X पर ऐलान किया कि सोमवार को लोकसभा में वंदे मातरम के 150 वर्ष पर चर्चा होगी. मंगलवार को दोपहर 12 बजे से चुनाव सुधारों पर चर्चा होगी.
सूत्रों के अनुसार, सरकार ने पहले वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने की चर्चा को प्राथमिकता देने का प्रस्ताव रखा था क्योंकि यह तारीख 7 नवंबर को ही पूरी हो रही है. लेकिन विपक्ष चाहता था कि पहले चुनाव सुधार और SIR पर चर्चा हो, उसके बाद वंदे मातरम पर. सत्र के पहले दो दिन दोनों सदनों में लगभग पूर्ण धुलाई हो चुकी है. विपक्ष SIR और ड्यूटी के दौरान मारे गए सैकड़ों ब्लॉक लेवल ऑफिसर्स (BLO) की मौत पर तत्काल चर्चा की मांग कर रहा है.
राज्यसभा में दूसरे दिन भी विपक्ष ने SIR पर फौरन चर्चा की मांग दोहराई, जिससे सदन में तीखी नोकझोंक और हंगामा हुआ. किरेन रिजिजू ने कहा कि वे सभी दलों के नेताओं से बात करके आगे का रास्ता तय करेंगे. कई विपक्षी सांसद वेल में आकर नारे लगाने लगे. सरकार ने प्रक्रिया का पालन और बातचीत की अपील की.
रिजिजू ने कहा, “कल भी मैंने कहा था – किसी भी चीज पर टाइमलाइन की शर्त मत लगाइए. देश में ढेर सारे मुद्दे हैं. एक मुद्दे को कमतर करके दूसरा नहीं उठाया जा सकता. सभी मुद्दे महत्वपूर्ण हैं.” उन्होंने विपक्ष पर तंज भी कसा, “आप चुनाव नहीं जीत पाते, जनता आप पर भरोसा नहीं करती, तो गुस्सा सदन में निकालते हैं. यह ठीक नहीं. हम चर्चा के लिए तैयार हैं, लेकिन पहले औपचारिक बैठक होनी चाहिए. समय तय करने की ज़िद करना सही नहीं.”
वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि SIR के भारी काम के बोझ से अब तक 28 BLO की मौत हो चुकी है. उन्होंने तत्काल चर्चा की मांग करते हुए कहा, “यह लोकतंत्र, नागरिकों और देश के हित का गंभीर मामला है. आप चर्चा होने दीजिए, हम पूरा सहयोग करेंगे.” इससे पहले सदन शुरू होते ही विपक्षी सांसद नारे लगाने लगे और वेल में आ गए.
सभापति सीपी राधाकृष्णन ने उन्हें सीट पर लौटने को कहा. अंततः दोनों पक्षों में समझौता हुआ कि SIR पर अलग से चर्चा नहीं होगी, लेकिन चुनाव सुधारों पर बड़े स्तर की बहस 9 दिसंबर को होगी.