नई दिल्ली: कभी-कभी इंसान चेहरे से तो खूबसूरत होता है, लेकिन अंदर से लालच उसे इतना बदसूरत बना देता है कि वो अपने लालच के लिए किसी की जान भी ले लेता है. ऐसा ही कुछ हुआ है उत्तर प्रदेश के कानपुर में, जहां काले घने बालों की चाहत ने एक युवक की जान ले ली. क्योंकि वो डॉक्टर अनुष्का के पास हेयर ट्रांसप्लांट कराने पहुंचा था. ये डॉक्टर जो पहले भी एक शख्स की जान ले चुकी थी, उसने मयंक की भी जान ले ली.
18 नवंबर को कराया था हेयर ट्रांसप्लांट
बाल इंसान की खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं, इसीलिए सभी चाहते हैं कि उनके बाल एकदम शानदार हों, इसी चाहत में फतेहगढ़ का रहने वाला मयंक डॉक्टर अनुष्का के पास गया था. ये बात 18 नवंबर 2024 की है जब मयंक कानपुर के केशवपुर में बने इंपायर क्लीनिक गया था, जहां डॉक्टर अनुष्का तिवारी ने मयंक का हेयर ट्रांसप्लांट किया, दोपहर में करीब 2 बजे के आसपास मयंक को क्लिनिक से छुट्टी मिल गई, मयंक के साथ उसका छोटा भाई कुशाग्र भी क्लिनिक गया था, जो इस प्रक्रिया के बाद अपने भाई को वापस घर ले आया, घर में मयंक समेत सभी लोग खुश थे, लेकिन ये बात किसे पता थी कि मयंक के साथ ये आखिरी खुशी का मौका है.
रात से शुरू हुआ दर्द
रात में करीब 12 बजे मयंक के सिर में तेज दर्द होना शुरू हो जाता है. उसने डॉक्टर से बात की तो उन्होंने कहा कि इंजेक्शन लगवा लें, लेकिन इंजेक्शन से भी दर्द कम नहीं हुआ तो पट्टी को ढ़ीली करने के लिए कहा, पर इसके बाद भी मयंक का दर्द कम नहीं हुआ. मयंक का मां का कहना है कि रात भर उनका बेटा दर्द से कराहता रहा लेकिन कोई आराम नहीं मिला
मां की गोद में मयंक ने तोड़ा दम
रात भर दर्द से तड़पने के बाद सुबत तक मयंक का चेहरा सूज गया और रंग काला पड़ने लगा था, सुबह जब डॉक्टर से बात की तो उन्होंने इसे भी सामान्य बता कर पल्ला झाड़ लियास और कहने लगे कि सब ठीक हो जाएगा, लेकिन जब स्थिति ज्यादा बिगड़ी तो मयंक को फर्रूखाबाद में एक हृदय रोग विशेषज्ञ के पास लेजाया गया. लेकिन उन्होंने कहा कि दिल की कोई समस्या नहीं है. 19 नवंबर को ही परिजन जब मयंक को वापस कानपुर ले जाने की तैयरी कर रहे थे उसी समय मयंक ने अपनी मां की गोद में दम तोड़ दिया.
डॉक्टर अनुष्का पर लगाए गंभीर आरोप
मृतक मयंक के परिजनों ने अनुष्का तिवारी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं, उनका कहना है कि मयंक की हालत खराब होने के बाद भी डॉक्टरों ने उसे गंभीरता के साथ नहीं लिया, जब बात हाथ से निकल गई तो परिजनो के नंबरों को ब्लॉक भी कर दिया. और डॉक्टर अनुष्का तिवारी क्लिनिक पर ताला लगा कर भाग गई. परिवार का कहना है कि उस समय हमने डर के कारण शिकायत नहीं की, लेकिन जब विनीत दुबे के मामल में मुकदमा दर्ज हुआ तो हमने भी पुलिस में शिकाय लिखाई. मयंक के परिवार का आरोप है कि अनुष्का तिवारी के पास कोई भी वैध डिग्री नहीं हैं.