बेंगलुरु भगदड़ में मारे गए बेटे की कब्र पर पहुंचकर एक पिता ने जो कहा, सुन कर आप भी रो देंगे, वीडियो वायरल

Amanat Ansari 08 Jun 2025 08:28: AM 4 Mins
बेंगलुरु भगदड़ में मारे गए बेटे की कब्र पर पहुंचकर एक पिता ने जो कहा, सुन कर आप भी रो देंगे, वीडियो वायरल

नई दिल्ली: बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर 4 जून 2025 को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की पहली IPL जीत के जश्न के दौरान हुई भगदड़ में 11 लोगों की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया. अब, कर्नाटक के हसन जिले से एक दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें एक पिता अपने 21 वर्षीय बेटे भौमिक लक्ष्मण की कब्र पर रोते हुए दिखाई दे रहे हैं. यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और लोगों में गुस्सा और दुख दोनों को बढ़ा रहा है. भौमिक उन 11 लोगों में से एक थे, जो इस त्रासदी का शिकार हुए. इस हादसे में 50 से अधिक लोग घायल भी हुए थे.

वीडियो में बी.टी. लक्ष्मण, भौमिक के पिता, अपने बेटे की कब्र पर लेटकर बिलखते हुए कह रहे हैं, "मैं अब कहीं और नहीं जाना चाहता. मैं भी यहीं रहना चाहता हूं." वे कहते हैं, "मेरे बेटे के लिए जो जमीन मैंने खरीदी थी, उसी पर उसका स्मारक बना है." गांव के लोग उन्हें सांत्वना देने की कोशिश कर रहे हैं, और दो लोग उन्हें धीरे से उठाने की कोशिश करते हैं. लक्ष्मण का दुख देखकर हर कोई भावुक हो जाता है. उन्होंने कहा, "मेरे बेटे के साथ जो हुआ, वह किसी और के साथ नहीं होना चाहिए. कोई भी पिता वह दर्द न झेले, जो मैं झेल रहा हूं." यह वीडियो इस त्रासदी की व्यक्तिगत पीड़ा को उजागर करता है.

21 वर्षीय भौमिक लक्ष्मण हसन के रहने वाले थे और एक अंतिम वर्ष के इंजीनियरिंग छात्र थे. वे RCB की 18 साल बाद पहली IPL जीत का जश्न मनाने और खिलाड़ियों की एक झलक पाने के लिए चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हजारों लोगों के साथ शामिल हुए थे. इस भीड़ में भौमिक उन 11 लोगों में शामिल थे, जिनमें एक 14 वर्षीय लड़की भी थी, जो भगदड़ में मारे गए. भौमिक के पिता ने पहले पत्रकारों से बात करते हुए अपील की थी कि उनके बेटे का पोस्टमॉर्टम न किया जाए. उन्होंने कहा था, "मेरा एकमात्र बेटा था, और अब वह चला गया. कृपया मुझे उसका शव दें, उसे टुकड़ों में न काटें. मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री हमसे मिल सकते हैं, लेकिन वे उसे वापस नहीं ला सकते."

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, स्टेडियम के पास एक नाले पर रखी अस्थायी स्लैब भीड़ के वजन से ढह गई, जिससे दहशत फैल गई और भगदड़ मच गई. कर्नाटक सरकार के अनुसार, स्टेडियम की क्षमता 35,000 लोगों की थी, लेकिन उस दिन लगभग 2-3 लाख लोग जमा हो गए थे. पुलिस ने बताया कि 1 किलोमीटर के दायरे में 50,000 लोग थे, और भीड़ लगातार बढ़ती जा रही थी. टिकट धारकों को प्रवेश दिया गया, लेकिन मुफ्त पास और टिकटों के लिए धक्का-मुक्की ने स्थिति को बेकाबू कर दिया.

इस वायरल वीडियो को कर्नाटक BJP ने साझा किया और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार पर तीखा हमला बोला. BJP ने इसे "राज्य प्रायोजित लापरवाही" करार दिया और आरोप लगाया कि सरकार ने भीड़ प्रबंधन की अनदेखी की. BJP की आधिकारिक X पोस्ट में लिखा गया, "हत्यारे मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, अगर आप चाहते तो अपने बच्चों और नाती-पोतों के साथ किसी आलीशान होटल में फोटो खिंचवा सकते थे. लेकिन विधान सौधा की सीढ़ियों पर फोटो खिंचवाने की आपकी जिद ने 11 परिवारों को हर दिन आंसुओं में डुबो दिया. क्या आप इस पिता को उसका बेटा वापस दे सकते हैं, जो अपने बेटे की कब्र के सामने रो रहा है?" BJP ने इस घटना को "सरकार द्वारा निर्मित भगदड़" कहा और सिद्धारमैया से इस्तीफे की मांग की.

इस हादसे के बाद कर्नाटक सरकार पर दबाव बढ़ गया है. चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें RCB के मार्केटिंग हेड निखिल सोसले और DNA एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के तीन कर्मचारी शामिल हैं. पांच वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, जिनमें बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी. दयानंद भी शामिल हैं, को निलंबित कर दिया गया. शुक्रवार को सरकार ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के राजनीतिक सचिव के. गोविंदराज को बर्खास्त कर दिया और राज्य खुफिया विभाग के प्रमुख को हटा दिया. सरकार ने मृतकों के परिवारों के लिए मुआवजे को 10 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दिया. साथ ही, CID को इस मामले की जांच सौंपी गई है.

कांग्रेस ने BJP पर इस त्रासदी को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया. उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा, "हम गहराई से दुखी हैं. पीड़ित हमारे अपने परिवार हैं. बेंगलुरु की छवि खराब हुई है. हम जिम्मेदारी लेते हैं. यह अप्रत्याशित था. 18 साल बाद RCB की जीत के उत्साह में इतनी भीड़ की उम्मीद नहीं थी." उन्होंने BJP पर "मृतकों के शवों पर राजनीति" करने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद कर रही है.

यह वीडियो और भौमिक की कहानी इस त्रासदी की मानवीय पीड़ा को सामने लाती है. भौमिक के पिता का दर्द हर उस परिवार की व्यथा को दर्शाता है, जिसने इस हादसे में अपने प्रियजनों को खोया. यह घटना बड़े आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर करती है. सोशल मीडिया पर लोग इस हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा देने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने की मांग कर रहे हैं.

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