नई दिल्ली: ऑल इंडिया मुस्लिम जमात (All India Muslim Jamaat) ने बुधवार को अभिनेता और तमिलगा वेत्री कझगम के अध्यक्ष विजय के खिलाफ फतवा जारी किया और मुसलमानों से उनके साथ खड़े न होने को कहा. एआईएमजे के अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि फतवा इसलिए जारी किया गया क्योंकि विजय ने मुसलमानों को नकारात्मक रूप से चित्रित किया और अपनी इफ्तार पार्टी में जुआरियों और शराब पीने वालों को आमंत्रित किया.
रिजवी ने कहा कि उन्होंने एक राजनीतिक पार्टी बनाई है और मुसलमानों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखे हैं. हालांकि, उन्होंने अपनी फिल्मों में मुसलमानों को आतंकवाद फैलाने वालों के रूप में नकारात्मक रूप से चित्रित किया है.
उन्होंने कहा कि उनकी इफ्तार पार्टी में जुआरियों और शराब पीने वालों को आमंत्रित किया गया था. इन सब के कारण तमिलनाडु के सुन्नी मुसलमान उनसे नाराज हैं. उन्होंने फतवा मांगा. इसलिए, मैंने अपने जवाब में फतवा जारी किया है कि मुसलमानों को विजय के साथ खड़ा नहीं होना चाहिए.
बता दें कि यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब एक महीने से ज़्यादा समय पहले प्रतिद्वंद्वियों ने आरोप लगाया था कि टीवीके ने विजय के लिए केंद्र से वाई-सिक्योरिटी मांगी थी क्योंकि उन्हें डर था कि अभिनेता को "मुसलमानों से ख़तरा" है.
वीसीके के प्रवक्ता वन्नियारसु ने कहा था कि विजय ने अपनी फ़िल्मों 'काठी' और 'बीस्ट' में मुसलमानों को ग़लत तरीक़े से दिखाया है. इसलिए, विजय और टीवीके को लगा कि अभिनेता को मुसलमानों से ख़तरा हो सकता है और उन्होंने गृह मंत्रालय से सुरक्षा मांगी. हालांकि, टीवीके और सहयोगी तमिलनाडु मुस्लिम लीग ने आरोपों का खंडन किया और कहा कि यह डीएमके और उसके सहयोगियों द्वारा टीवीके से मुसलमानों को अलग-थलग करने की एक चाल है.