नई दिल्ली: अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने भारतीय गैंगस्टरों के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को बड़ी झटका दिया है. कनाडा और स्पेन की एजेंसियों के साथ मिलकर चलाए गए 'ऑपरेशन हार्डबॉल' में FBI ने 50 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी कर 24 लोगों को गिरफ्तार किया है. अमेरिकी अदालत में 37 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है, जबकि 10 आरोपी अभी फरार हैं.
चार्जशीट में मुख्य रूप से तीन बड़े गैंग्स का जिक्र है, जिन पर हत्या, ड्रग तस्करी, जबरन वसूली और अंतरराष्ट्रीय अपराध के गंभीर आरोप लगे हैं. इनमें जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ और रविंदर सिंह ढांडा उर्फ 'जॉन विक' जैसे नाम शामिल हैं. FBI के मुताबिक, 33 वर्षीय लॉरेंस बिश्नोई इस पूरे सिंडिकेट का मास्टरमाइंड है.
2015 से अहमदाबाद जेल में बंद होने के बावजूद वह मोबाइल और इंटरनेट के जरिए विदेशों में अपना गैंग चला रहा था. वह खुद को देशभक्त और धार्मिक बताकर नए सदस्य भर्ती करता था. अमेरिकी दस्तावेजों में दावा किया गया है कि लॉरेंस बिश्नोई और उसके नॉर्थ अमेरिका कमांडर सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ ने 2023 में कनाडा में खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आदेश दिया था. गोल्डी बराड़ पर FBI ने 50,000 डॉलर का इनाम रखा है.
इस गैंग में रोहित गोदारा (यूरोप प्रमुख) और सुखराज सिंह कांग (पंजाब कमांडर) जैसे गुर्गे शामिल हैं. चार्जशीट में वैंकूवर के रविंदर सिंह ढांडा उर्फ 'जॉन विक' का भी जिक्र है, जो कोकीन और मेथामफेटामाइन की थोक सप्लाई करता था. इस गैंग ने 2023-24 के बीच 430 किलो से ज्यादा कोकीन की तस्करी की. 'रॉकेट' और 'रित्ज कार्लटन' जैसे कोडनेम इस्तेमाल करने वाले गारींदर देव जैसे सदस्य भी इसमें शामिल हैं.
दूसरे गैंग जग्गू भगवानपुरिया का है, जो पहले बिश्नोई का साथी था लेकिन बाद में दुश्मन बन गया. उसके नेटवर्क में अमेरिका, कनाडा, यूके और ऑस्ट्रेलिया में 1,000 से ज्यादा लोग शामिल हैं. यह कार्रवाई भारत, कनाडा और अमेरिका के बीच बढ़ते अपराधी गठजोड़ को तोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.