मेरठ : दलित छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर मेरठ में हुए प्रदर्शन के दौरान उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई. प्रदर्शनकारी छात्रा को न्याय दिलाने की मांग के साथ उसके कथित बॉयफ्रेंड के परिवार के खिलाफ भी कार्रवाई और जेल भेजने की मांग कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने कई घंटों तक कलेक्ट्रेट गेट पर धरना देकर रास्ता जाम रखा, जिससे प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गईं.
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान नोएडा निवासी रवि गौतम भीड़ को उग्र करने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के लिए लोगों को भड़का रहा था. आरोप है कि माहौल खराब करने की कोशिश के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर बंदी वाहन में बैठा दिया.
इसी बीच एक वीडियो सामने आया, जिसमें मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडे बंदी वाहन के अंदर बैठे रवि गौतम के पास पहुंचते हैं और उसे थप्पड़ मारते दिखाई देते हैं. यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं. हालांकि, पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोग लगातार माहौल बिगाड़ने और भीड़ को हिंसक बनाने का प्रयास कर रहे थे.
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बाद में हल्का बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाया और कई लोगों को हिरासत में लिया, इसके बाद कलेक्ट्रेट परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई. फिलहाल पूरे मामले पर प्रशासन की नजर बनी हुई है. वहीं, ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर प्रदर्शनकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा. घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी बहस तेज हो गई है.