West Bengal News : बंगाल के पुरुलिया जिले में एक सरकारी स्कूल से जुड़ा मामला विवाद का कारण बन गया है. कक्षा 11 की एक छात्रा ने आरोप लगाया है कि गले में तुलसी की माला और माथे पर चंदन का तिलक लगाकर स्कूल आने पर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और बाद में ट्रांसफर सर्टिफिकेट देकर स्कूल छोड़ने के लिए मजबूर किया गया. इस मामले की शिकायत पुलिस तक पहुंच गई है.
आरोप के मुताबिक, पाड़ा गर्ल्स हाई स्कूल की छात्राएं सुमना मांझी और अनुपमना बाउरी नियमित रूप से तुलसी की माला और चंदन का तिलक लगाकर स्कूल जाती थीं. छात्राओं का कहना है कि स्कूल की कुछ शिक्षिकाओं ने इस पर आपत्ति जताई और उन्हें कई बार अपमानित करने के साथ मानसिक दबाव भी बनाया. परिवार का आरोप है कि बाद में छात्रा के अभिभावकों को स्कूल बुलाकर दूसरे विद्यालय में दाखिला कराने के लिए टीसी लेने का दबाव बनाया गया. जब परिवार ने इनकार कर दिया तो छात्रा के मोबाइल पर व्हाट्सएप के जरिए टीसी भेज दिया गया.
छात्रा के परिजनों का दावा है कि लगातार मानसिक तनाव के चलते उसने आत्महत्या की कोशिश भी की, इसके बाद छात्रा की मां ने प्रधानाध्यापिका और एक अन्य शिक्षिका के खिलाफ थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई. दूसरी छात्रा ने भी स्कूल प्रबंधन पर इसी तरह के आरोप लगाए हैं.
हालांकि, स्कूल की प्रधानाध्यापिका ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उनका कहना है कि स्कूल को तुलसी की माला या तिलक से कोई आपत्ति नहीं थी. उनके अनुसार, कार्रवाई स्कूल के अनुशासन और सोशल मीडिया पर विद्यालय के खिलाफ कथित गलत प्रचार को देखते हुए की गई है. फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है और पुलिस शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई में जुटी है.