इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर में ट्रैफिक पुलिस और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हो गई. विवाद इतना बढ़ा कि बीजेपी नेताओं के समर्थकों ने व्यस्त चौराहे पर चक्का जाम कर दिया. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया. महू नाका चौराहे पर यातायात पुलिस हेलमेट चेकिंग और चालान की कार्रवाई कर रही थी.
इसी दौरान विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 4 के बीजेपी प्रभारी वीरेंद्र शेंडगे के साथ पुलिसकर्मियों की बहस शुरू हुई, जो जल्द ही हाथापाई तक पहुंच गई. वीरेंद्र शेंडगे का कहना है कि सिग्नल पर हरी बत्ती से लाल बत्ती होने के दौरान वह तेजी से निकलने की कोशिश कर रहे थे. तभी एक महिला ट्रैफिक कर्मी ने उन्हें रोककर मोबाइल पर बात करने का आरोप लगाया और थप्पड़ जड़ दिया.
शेखर गवली और सूबेदार लक्ष्मी निलंबित
शेंडगे ने दावा किया कि वे फोन पर बात नहीं कर रहे थे. जब उन्होंने थप्पड़ का विरोध किया तो अन्य पुलिसकर्मियों ने भी बदतमीजी की. बवाल बढ़ने के बाद पुलिस ने त्वरित संज्ञान लिया. ट्रैफिक कॉन्स्टेबल शेखर गवली और सूबेदार लक्ष्मी धारवे को निलंबित कर दिया गया है. वहीं ट्रैफिक थाने की प्रभारी टीआई राधा यादव को डीसीपी कार्यालय में अटैच कर दिया गया है.
एसीपी शिबेंदु जोशी ने जारी किया बयान
एसीपी शिबेंदु जोशी ने बताया कि पूरी घटना की जांच चल रही है. सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. सहायक पुलिस आयुक्त सुप्रिया चौधरी ने भी कर्तव्य में लापरवाही को लेकर कार्रवाई की पुष्टि की. घटना के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने काफी आक्रोश दिखाया और चौराहे पर प्रदर्शन किया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ. पूरा मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है.