Budget 2025 live: निर्मला सीतारमण की तरफ से इस बार इनकम टैक्स पेयर्स को बड़ी राहत दी गई है. वित्त मंत्री ने बताया है कि अब सालाना 12 लाख 75 रुपए तक की इनकम पर टैक्स नहीं देना होगा. वहीं अब पिछले 4 साल का IT रिटर्न एकसाथ फाइल कर सकेंगे. सीनियर सिटीजंस के लिए TDS की सीमा 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख कर दी गई है.
युवाओं के लिए 11 ऐलान
व्यापारियों के लिए 10 ऐलान
मिडिल क्लास के लिए 13 ऐलान
Header- महिलाओं के लिए 2 ऐलान
बुजुर्गों के लिए 6 ऐलान
किसानों के लिए 11 ऐलान
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने शनिवार को आम बजट 2025-26 (General Budget 2025-26) पेश किया. बजट भाषण की शुरुआत करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट आम आदमी की खर्च करने की क्षमता बढ़ाने वाला होगा. इसके अलावा उन्होंने कहा कि बजट का उद्देश्य देश की अर्थव्यवस्था की विकास दर को बढ़ाना, समावेशी विकास सुनिश्चित करते हुए निजी क्षेत्र के निवेश को बढ़ाना, घरेलू भावना को ऊपर उठाना और बढ़ते हुए मध्यम वर्ग की खर्च करने की क्षमता को बढ़ाना है.

किसानों को भी मिली सौगात
वित्त मंत्री ने कहा कि बजट 2025 (Budget 2025) में गरीब, युवा, अन्नदाता और महिलाओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए 10 व्यापक क्षेत्रों को शामिल किया हैं. कृषि, एमएसएमई, निवेश और निर्यात विकास के इंजन हैं. बजट में वित्त मंत्री द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की लिमिट को 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है. इससे किसानों को सस्ता लोन पाने में मदद मिलेगी.

इससे पहले वित्त मंत्री द्वारा द्वारा शुक्रवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 पेश किया गया. सर्वेक्षण में बताया गया कि वित्त वर्ष 2025-26 में वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत की जीडीपी 6.3-6.8 प्रतिशत की दर से बढ़ सकती है. आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक, महंगाई नियंत्रण में है. वित्त वर्ष 25 के अप्रैल- दिसंबर की अवधि में औसत महंगाई कम होकर 4.9 हो गई है, जो कि वित्त वर्ष 24 में 5.4 प्रतिशत थी.

सर्वेक्षण में कहा गया कि महंगाई को स्थिर करने में सरकार के सक्रिय नीतिगत हस्तक्षेप महत्वपूर्ण रहे हैं. इन उपायों में आवश्यक खाद्य पदार्थों के लिए बफर स्टॉक को मजबूत करना, समय-समय पर खुले बाजार में सामान जारी करना और आपूर्ति की कमी के दौरान आयात को आसान बनाने के प्रयास शामिल हैं. चुनौतियों के बावजूद भारत में महंगाई प्रबंधन के लिए सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं. भारतीय रिजर्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) का अनुमान है कि भारत की खुदरा महंगाई धीरे-धीरे वित्त वर्ष 2026 में लगभग 4 प्रतिशत के लक्ष्य के अनुरूप हो जाएगी.