नई दिल्ली: रूस के बाल्टिक सागर स्थित पोर्टोवाया (Portovaya) प्लांट से अमेरिकी प्रतिबंधों वाले लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) का एक कार्गो भारत की ओर रवाना हो चुका है. यह जानकारी LSEG शिपिंग डेटा में बुधवार को सामने आई. यदि यह कार्गो अपने गंतव्य तक पहुंच जाता है, तो यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पिछले साल दिए गए बयान के बाद भारत को रूसी ऊर्जा की पहली ऐसी डिलीवरी होगी. ट्रंप ने दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया था कि भारत रूसी ऊर्जा खरीदना बंद कर देगा. भारत ने कभी भी सार्वजनिक रूप से किसी ऐसे आश्वासन की पुष्टि नहीं की है.
भारत ने कहा है कि उसकी खरीदारी के फैसले कीमत, आपूर्ति सुरक्षा और उपभोक्ताओं के हितों पर आधारित होते हैं. दुनिया के सबसे बड़े ऊर्जा आयातकों में से एक होने के नाते भारत फिलहाल मध्य पूर्व युद्ध और उसके कारण हार्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने से उत्पन्न आपूर्ति बाधा और कीमतों में तेजी से काफी प्रभावित है.
पोर्टोवाया प्लांट, जिसकी सालाना उत्पादन क्षमता 15 लाख टन एलएनजी है, सितंबर 2022 में शुरू हुआ था. यूक्रेन युद्ध को लेकर जनवरी 2025 में लगाए गए अतिरिक्त अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण इस प्लांट से निर्यात बाधित हो गया था. इन प्रतिबंधों का मकसद रूस की एलएनजी उत्पादन और निर्यात क्षमता को प्रभावित कर उसकी आय घटाना था.
चीन के अलावा एक और बाजार?
अब तक रूस ने प्रतिबंधों के बावजूद पोर्टोवाया प्लांट और अपने आर्कटिक एलएनजी-2 प्लांट से चीन के बिहाई (Beihai) बंदरगाह को एलएनजी की आपूर्ति की है. बुधवार को ही रूसी ऊर्जा कंपनी गैजप्रॉम ने पोर्टोवाया प्लांट से चीन को प्रतिबंधों के बाद का दूसरा एलएनजी कार्गो डिलीवर किया.
यदि भारत रूसी एलएनजी खरीदता है, तो यह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए यूरोप से एलएनजी को डायवर्ट करने का एक और बाजार खोलेगा. खासकर तब जब यूरोपीय संघ 2027 से रूसी एलएनजी के आयात पर पूर्ण प्रतिबंध लगा देने वाला है.
LSEG डेटा के अनुसार, 1,38,200 घन मीटर क्षमता वाला टैंकर कुनपेंग (Kunpeng) भारत के पश्चिमी तट पर स्थित दहेज एलएनजी आयात टर्मिनल की ओर बढ़ रहा है.
उद्योग प्रकाशन आर्गस (Argus) में एलएनजी मूल्य निर्धारण के प्रमुख मार्टिन सीनियर ने कहा कि यदि यह कार्गो डिलीवर होता है, तो यह अमेरिकी प्रतिबंधों वाले रूसी एलएनजी के लिए दूसरा बाजार खोलेगा. अब तक प्रतिबंधित रूसी टर्मिनलों से सभी डिलीवरियां केवल चीन के बिहाई बंदरगाह को ही हुई हैं.
प्रतिबंधों से पहले पोर्टोवाया प्लांट सर्दियों में औसतन महीने में दो कार्गो निर्यात करता था. मार्च 2025 से चीन को दो शिपमेंट्स के अलावा यह रूस के पश्चिमी एन्क्लेव कलिनिनग्राद को महीने में एक कार्गो भेज रहा है.