बॉलीवुड में स्टारडम का जलवा देखने के बाद कई सुपरस्टार ने राजनीति की तैयारी की थी, लेकिन बड़े पर्दे पर धूम मचाने वाले ये सितारे सियासत में अपनी चमक बरकरार नहीं रख सके। आइए जानते हैं उन 5 बड़े सितारों के बारे में जो राजनीति में कदम रखने के बाद बुरी तरह फ्लॉप हो गए।

बॉलीवुड के 'हीरो नंबर 1' गोविंदा ने 2004 में कांग्रेस पार्टी से चुनाव लड़ा और मुंबई नॉर्थ सीट से सांसद बने। हालांकि, राजनीति में उनका प्रदर्शन फीका रहा। जनता से किए गए वादे पूरे न कर पाने और पार्टी में आंतरिक विवादों के कारण 2009 में उन्होंने राजनीति को अलविदा कह दिया।

पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना ने 1991 में कांग्रेस पार्टी के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा और जीत भी हासिल की। लेकिन राजनीति में वे ज्यादा सक्रिय नहीं रहे और कुछ ही समय बाद उन्होंने इससे दूरी बना ली।

'डिस्को डांसर' मिथुन चक्रवर्ती ने 2014 में तृणमूल कांग्रेस (TMC) से राज्यसभा सांसद के रूप में राजनीति में एंट्री की। लेकिन वह संसद में ज्यादा सक्रिय नहीं रहे और सिर्फ 2 साल बाद इस्तीफा दे दिया।

सदी के महानायक अमिताभ बच्चन 1984 में कांग्रेस के टिकट पर इलाहाबाद से लोकसभा चुनाव जीतकर संसद पहुंचे। हालांकि, राजनीति की गंदी चालों से परेशान होकर तीन साल में ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया और फिर कभी राजनीति में वापस नहीं आए।

बॉलीवुड के 'बाबा' संजय दत्त 2009 में समाजवादी पार्टी से जुड़े और चुनाव लड़ने की तैयारी की। लेकिन उनके आपराधिक रिकॉर्ड के चलते चुनाव लड़ने पर रोक लग गई, जिसके बाद उन्होंने राजनीति से किनारा कर लिया।