नई दिल्ली: 2025 भारत के लिए उपलब्धियों का साल तो रहा, लेकिन साथ ही यह कई दिल दहला देने वाली त्रासदियों का गवाह भी बना. इन घटनाओं ने सैकड़ों जानें लीं और पूरे देश को गम में डुबो दिया. धार्मिक आयोजनों से लेकर पर्यटन स्थलों, खेल उत्सवों और हवाई यात्राओं तक, ये दुर्घटनाएं अचानक आईं और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर बड़े सवाल खड़े कर गईं. आइए, साल की उन पांच सबसे भयावह घटनाओं को याद करें जिन्होंने राष्ट्र को स्तब्ध कर दिया.
महाकुंभ में भगदड़ की त्रासदी
जनवरी में प्रयागराज के महाकुंभ में मौनी अमावस्या के पवित्र स्नान के दौरान संगम तट पर अफरा-तफरी मच गई. लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ में बैरिकेड्स टूटने और धक्का-मुक्की से कम से कम 30 लोगों की जान गई, जबकि 60 से ज्यादा घायल हो गए. कुछ रिपोर्ट्स में मरने वालों की संख्या और ज्यादा बताई गई. कुंभ के इतिहास में यह एक और दर्दनाक अध्याय बना, जिसने बड़े आयोजनों में भीड़ नियंत्रण की कमियों को सामने लाया. जांच हुई, लेकिन लापरवाही के आरोपों ने सवाल उठाए.
पहलगाम में पर्यटकों पर आतंकी हमला
अप्रैल में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बैसारन घाटी में आतंकियों ने पर्यटकों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की. मुख्य रूप से हिंदू पर्यटकों को टारगेट करते हुए 26 लोग मारे गए, जिनमें एक विदेशी और एक लोकल गाइड भी शामिल थे. द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने हमले की जिम्मेदारी ली. इस घटना से देश में गुस्सा भड़का और भारत-पाक रिश्तों में तनाव बढ़ा. जवाब में ऑपरेशन सिंदूर चलाया गया.
आरसीबी की IPL जीत के जश्न में भगदड़
जून में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की पहली IPL ट्रॉफी जीत के उत्सव में चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भारी भीड़ उमड़ पड़ी. गेट्स पर धक्का-मुक्की से भगदड़ मच गई, जिसमें 11 लोगों की मौत हुई और 56 से ज्यादा घायल हो गए. खुशी का माहौल पलभर में मातम में बदल गया. खेल इवेंट्स में सेफ्टी की कमी पर बहस छिड़ी, और जांच के आदेश दिए गए.
एयर इंडिया फ्लाइट AI171 का क्रैश
अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 (बोइंग 787) टेकऑफ के कुछ सेकंड बाद ही क्रैश हो गई. विमान एक मेडिकल कॉलेज हॉस्टल से टकराया, जिसमें 242 में से 241 यात्रियों की मौत हो गई—केवल एक सर्वाइवर बचा. ग्राउंड पर भी कई जानें गईं, कुल मौतें 260 के पार. शुरुआती जांच में टेक्निकल फॉल्ट सामने आया. यह साल की सबसे बड़ी एविएशन त्रासदी बनी और फ्लाइट सेफ्टी पर गंभीर सवाल उठे.
लाल किले के पास कार बम विस्फोट
नवंबर में दिल्ली के लाल किले के करीब एक कार में जोरदार धमाका हुआ. इसमें कम से कम 15 लोग मारे गए और 20 से ज्यादा घायल हुए. पुलिस ने इसे आतंकी हमला बताया और सख्त कानूनों के तहत जांच शुरू की. विस्फोटक के रूप में अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल हुआ. राजधानी की सिक्योरिटी पर उंगलियां उठीं और देशभर में हाई अलर्ट जारी हुआ.
ये घटनाएं सिर्फ जानें नहीं ले गईं, बल्कि हमें भीड़ मैनेजमेंट, आतंकवाद से निपटने और सुरक्षा उपायों में सुधार की याद दिलाती हैं. 2025 ने सिखाया कि उत्सव और श्रद्धा के मौकों पर भी सावधानी सबसे जरूरी है. पीड़ितों के परिवारों के साथ संवेदना और उम्मीद कि नया साल ज्यादा सुरक्षित और बेहतर हो.