नई दिल्ली: पूर्व कांग्रेस नेता शकील अहमद ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं को उनके बिहार स्थित आवास पर हमला करने का निर्देश दिया था. यह आरोप कुछ दिनों बाद लगाया गया है, जब उन्होंने विपक्ष के नेता को 'डरपोक' (कायर) और एक असुरक्षित राजनेता कहा था.
शकील अहमद ने कहा था राहुल को पार्टी में मजबूत व्यक्तित्व वाले अनुभवी नेताओं से डर लगता है. वे ऐसे साथियों को तरजीह देते हैं जो उन्हें निरंतर 'बॉस' जैसा महसूस करवाते रहें, जबकि कद्दावर व्यक्तियों के सामने वे खुद को कमजोर और असहज पाते हैं. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की भूमिका को भी नाममात्र की करार दिया.
शकील का कहना है कि पार्टी की वास्तविक सत्ता और फैसले अभी भी राहुल गांधी के नियंत्रण में ही हैं, जबकि खरगे सिर्फ औपचारिक अध्यक्ष बने हुए हैं. इसके अलावा, उन्होंने राहुल गांधी द्वारा चलाए जा रहे 'संविधान बचाओ' जैसे अभियानों को भी असफल बताया. एक और गंभीर आरोप में शकील अहमद ने कांग्रेस पर मुस्लिम नेताओं को जानबूझकर किनारे करने का दावा किया.
उनका कहना है कि अब बड़े नेता मुस्लिम साथियों के साथ फोटो खिंचवाने से भी हिचकिचाते हैं, क्योंकि उन्हें डर रहता है कि इससे हिंदू वोटरों का समर्थन कम हो सकता है. पार्टी की मुस्लिम समुदाय से जुड़ाव की कोशिशों को वे महज सतही और दिखावटी मानते हैं.
शकील अहमद लंबे समय तक राहुल गांधी के करीबी रहे हैं, इसलिए उनके इन बयानों को पार्टी के भीतरी असंतोष का खुलासा माना जा रहा है. इससे राहुल की छवि के साथ-साथ कांग्रेस में मुस्लिम नेतृत्व की स्थिति पर भी सवाल उठ रहे हैं.