हजारीबाग ओपन जेल में अनोखी शादी! पूर्व नक्सली कमांडरों ने लिए सात फेरे, पुलिस अफसर बने बाराती-घराती

Amanat Ansari 28 Oct 2026 04:45 PM 1 Mins
हजारीबाग ओपन जेल में अनोखी शादी! पूर्व नक्सली कमांडरों ने लिए सात फेरे, पुलिस अफसर बने बाराती-घराती

हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग ओपन जेल में बुधवार को एक ऐसी शादी हुई जिसकी चर्चा दूर-दूर तक हो रही है. पूर्व नक्सली कमांडर सुरेश सिंह मुंडा और सोमवारी हेम्ब्रम ने वैवाहिक बंधन में बंधकर नई जिंदगी की शुरुआत की. खास बात यह रही कि इस समारोह में पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी बाराती-घराती बने, जबकि ओपन जेल के अन्य बंदियों ने भी शादी में हिस्सा लिया और नवदंपती को आशीर्वाद दिया.

सुरेश सिंह मुंडा रांची जिले के बुंडू के बारूहातू गांव के निवासी हैं, जबकि सोमवारी हेम्ब्रम तमाड़ के अराहंगा गांव की रहने वाली हैं. दोनों कभी नक्सली संगठन से जुड़े रहे, लेकिन सरकार की आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर उन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़ दिया था.

आत्मसमर्पण के बाद दोनों हजारीबाग ओपन जेल में रहकर पुनर्वास की प्रक्रिया से गुजर रहे थे. इसी दौरान जिला प्रशासन और पुलिस की मानवीय पहल पर दोनों के विवाह का निर्णय लिया गया. पारंपरिक रीति-रिवाजों और पूरे विधि-विधान के साथ विवाह समारोह संपन्न कराया गया.

जेल में ही मंडप सजा और शहनाई की धुन गूंजी. विवाह को कानूनी मान्यता देने के लिए हजारीबाग के जिला विवाह पदाधिकारी राजेश एक्का ने मौके पर ही दोनों का विधिवत मैरिज रजिस्ट्रेशन कराया. इससे सुरेश और सोमवारी का विवाह सामाजिक ही नहीं, कानूनी रूप से भी मान्य हो गया.

समारोह का सबसे भावुक पहलू यह रहा कि सुरक्षा बलों और प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों की कमी महसूस नहीं होने दी. हजारीबाग पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी स्वयं बाराती और घराती की भूमिका में नजर आए. उन्होंने नवदंपती का स्वागत किया, उपहार भेंट किए और सुखद वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं. यह शादी नक्सल छोड़ मुख्यधारा में लौटे लोगों के सामाजिक पुनर्वास और नई शुरुआत की प्रेरक मिसाल बन गई है.

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