नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को G20 समिट के स्तर पर बढ़ा दिया गया है. करीब 12 हजार सुरक्षाकर्मियों को पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर और छत्तीसगढ़ से एयरलिफ्ट कर दिल्ली लाया जा रहा है.
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 8 से 12 अक्टूबर तक दिल्ली में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 110 कंपनियों की तैनाती को मंजूरी दी है. ये अतिरिक्त बल राजधानी में पहले से मौजूद 111 कंपनियों (करीब 15 हजार जवानों) के साथ तैनात रहेंगे. हर कंपनी में सामान्यतः 75-80 जवान होते हैं.
अधिकारियों के अनुसार, इनमें वे जवान भी शामिल हैं जो छत्तीसगढ़ और जम्मू-कश्मीर में नक्सलियों के खिलाफ अभियान में लगे थे. CRPF की 85 कंपनियां सबसे बड़ा दल होंगी. इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) सात, सशस्त्र सीमा बल (SSB) 10 और CISF एक कंपनी भेजेगी. प्रदर्शनकारियों में महिलाओं की बड़ी संख्या को देखते हुए कम से कम पांच विशेष महिला कंपनियां भी तैनात की जाएंगी.
सुरक्षा बल की यह तैनाती 2023 के G20 समिट के दौरान की गई व्यवस्था से मिलती-जुलती बताई जा रही है. कई इलाकों को छावनी जैसा बनाकर कड़ी निगरानी सुनिश्चित की जा रही है. CJP का यह प्रदर्शन जंतर-मंतर पर होने वाला है, जिसमें SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) और CEC के इस्तीफे की मांग प्रमुख है.