चंडीगढ़: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सिंगापुर यात्रा के बाद हरियाणा को करीब 5,500 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं. राज्य सरकार के अनुसार, सिंगापुर की कंपनियों और संस्थानों ने स्वास्थ्य, जल प्रबंधन और शिक्षा क्षेत्रों में समझौता ज्ञापनों पर सहमति जताई है. इन प्रस्तावों से औद्योगिक विकास के साथ युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है.
स्वास्थ्य क्षेत्र को सबसे बड़ा हिस्सा
करीब 3,000 करोड़ रुपये के प्रस्ताव स्वास्थ्य एवं आरोग्य क्षेत्र में हैं. इनसे अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों, आरोग्य सुविधाओं और आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के विस्तार की संभावना है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ रोजगार और कौशल विकास के मौके भी बढ़ेंगे.
जल प्रबंधन में 1,500 करोड़
लगभग 1,500 करोड़ रुपये के प्रस्ताव जल उपचार और प्रबंधन से जुड़े हैं. इनमें आधुनिक जल उपचार संयंत्र, सीवेज ट्रीटमेंट, औद्योगिक जल प्रबंधन, जल के पुन: उपयोग और स्मार्ट जल प्रबंधन प्रणालियां शामिल हैं. मुख्यमंत्री ने जल सुरक्षा को प्रमुख प्राथमिकता बताते हुए कहा कि सिंगापुर की विशेषज्ञता और हरियाणा की जरूरतों के बीच सहयोग से इस क्षेत्र में नई संभावनाएं बन सकती हैं.
शिक्षा और कौशल विकास पर जोर
शिक्षा क्षेत्र में करीब 1,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव हैं. इससे आधुनिक शिक्षण संस्थानों, कौशल विकास केंद्रों, तकनीकी शिक्षा, डिजिटल शिक्षा और रोजगार आधारित प्रशिक्षण सुविधाओं के विस्तार को गति मिलने की उम्मीद है. मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित हरियाणा की सबसे बड़ी ताकत उसके युवा और कुशल मानव संसाधन होंगे.
नायब सिंह सैनी ने हरियाणा की राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से निकटता, मजबूत सड़क-रेल संपर्क, औद्योगिक आधार और कुशल मानव संसाधन को निवेश की प्रमुख ताकत बताया. उन्होंने कहा कि सरकार पारदर्शी शासन, बेहतर बुनियादी ढांचे और अनुकूल कारोबारी माहौल के साथ निवेशकों को हर संभव सहयोग देगी. मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि इन प्रस्तावों को जल्द जमीन पर उतारा जाएगा, जिससे स्वास्थ्य, जल प्रबंधन, शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्रों में नई संभावनाएं पैदा होंगी.