नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हरियाणा भाजपा के 48 विधायकों की शनिवार को हुई बैठक के बाद पार्टी की 2027 पंजाब विधानसभा चुनाव रणनीति साफ हो गई है. सूत्रों के मुताबिक, इन ज्यादातर विधायकों को पंजाब में विधानसभा क्षेत्रों से लेकर बूथ स्तर तक जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है. हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी हरियाणा मॉडल को पंजाब में चुनावी हथियार बनाने की तैयारी में हैं.
बैठक में सोशल मीडिया के इस्तेमाल, ऑर्गेनिक खेती और पुरानी यादों पर चर्चा हुई, लेकिन सबसे बड़ा संकेत पंजाब पर फोकस का मिला. भाजपा पंजाब के मतदाताओं के सामने हरियाणा के गवर्नेंस मॉडल को रखने की योजना बना रही है. इसी रणनीति के तहत नायब सिंह सैनी पिछले एक साल में पंजाब के करीब 90 कार्यक्रमों में हिस्सा ले चुके हैं. उन्होंने पगड़ी पहनी, धार्मिक स्थलों का दौरा किया और पार्टी में उन्हें कई बार ‘सरदार नायब सिंह सैनी’ कहा जाता है.
सैनी ने हाल ही में दावा किया कि भाजपा सरकार बनने पर प्रधानमंत्री मोदी के ‘विकसित भारत’ संकल्प की तर्ज पर विकसित पंजाब बनाया जाएगा. हरियाणा की कल्याणकारी योजनाओं को पंजाब में लागू किया जाएगा. उन्होंने कहा कि 2024 हरियाणा चुनाव के संकल्प पत्र के 217 वादों में से 70 वादे महज 18 महीनों में पूरे कर दिए गए, जबकि पंजाब की आप सरकार पांच साल में अपने 57 वादों में से एक भी पूरा नहीं कर पाई.
7 लोक कल्याण मार्ग पर हुई इस बैठक के बाद साफ है कि सिर्फ सैनी ही नहीं, बल्कि हरियाणा भाजपा के 48 में से ज्यादातर विधायक पंजाब में प्रचार और संगठन संभाल सकते हैं. इससे पार्टी को हरियाणा के मजबूत संगठन की ताकत मिलेगी. गौरतलब है कि पीएम मोदी का पंजाब और हरियाणा से पुराना संगठनात्मक जुड़ाव रहा है. 1990 के दशक में वे उत्तरी क्लस्टर के संगठनात्मक प्रभारी थे. 1996 में हरियाणा में बंसी लाल के साथ गठबंधन और 1997 में पंजाब में अकाली दल-भाजपा गठबंधन की जीत में भी उनकी भूमिका रही थी. अब एक बार फिर पंजाब पर भाजपा का फोकस तेज हो रहा है.