लखनऊ : उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर की तस्वीर बदलने जा रही है. राज्य का सबसे बड़ा और महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट गंगा एक्सप्रेसवे अब उद्घाटन के लिए तैयार है. 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरदोई में इसका लोकार्पण करेंगे.
करीब 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज तक जाएगा, जो पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश को एक तेज रफ्तार कॉरिडोर से जोड़ देगा. इस पर वाहन 120 किमी प्रति घंटे की स्पीड से दौड़ सकेंगे, जिससे लंबी दूरी की यात्रा आधे समय में पूरी हो जाएगी.
यह एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ होते हुए प्रयागराज तक जाएगा. करीब 519 गांव इस प्रोजेक्ट से सीधे जुड़ेंगे, जिससे गांव-शहर के बीच की दूरी ही नहीं, विकास का गैप भी कम होगा. दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होकर यह एक्सप्रेसवे राजधानी दिल्ली को सीधे पूर्वांचल से जोड़ देगा. अभी जहां दिल्ली से प्रयागराज पहुंचने में 12-13 घंटे लगते हैं, वहीं अब यह सफर सिर्फ 6-7 घंटे में सिमट जाएगा.
इस एक्सप्रेसवे की सबसे खास बात शाहजहांपुर के पास बनी 3.5 किमी लंबी एयरस्ट्रिप है. जरूरत पड़ने पर यहां भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान भी लैंड कर सकेंगे. यानी यह सिर्फ सड़क नहीं, बल्कि रणनीतिक दृष्टि से भी बेहद अहम कॉरिडोर है. गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे बदायूं, हरदोई और उन्नाव में इंडस्ट्रियल हब विकसित करने की तैयारी है. साथ ही लॉजिस्टिक्स पार्क और वेयरहाउस बनाए जाएंगे, जिससे व्यापार को रफ्तार मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए दरवाजे खुलेंगे.
इस प्रोजेक्ट के साथ पर्यावरण का भी ध्यान रखा गया है. एक्सप्रेसवे के किनारे करीब 18 लाख पौधे लगाए जा रहे हैं. यात्रियों की सुविधा के लिए इंटरचेंज, ओवरपास और अंडरपास बनाए गए हैं, जबकि 14 टोल प्लाजा भी तैयार किए गए हैं. उद्घाटन होने के बाद व्यवसायिक और रणनीतिक के तौर पर यह हाइवे बेहतरीन साबित होगा.