नई दिल्ली: लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान ने एक बेहद दुर्लभ और जटिल मेडिकल केस में कमाल का काम किया है. बलिया जिले की एक युवती, जो जन्म से ही दो गर्भाशय (दो यूटरस) और दो योनि (दो वजाइना) के साथ पैदा हुई थी, को यहां के डॉक्टरों ने नया जीवन दिया है. इसके कराण बचपन से ही उसे कई गंभीर परेशानियां झेलनी पड़ीं.
पेशाब पर बिल्कुल कंट्रोल नहीं था, इसलिए हमेशा डायपर की जरूरत पड़ती थी. शौच का रास्ता ठीक से विकसित नहीं हुआ था, जिससे पेट साफ करने में भारी तकलीफ होती थी. ये शारीरिक समस्याएं होने के साथ-साथ सामाजिक जीवन में भी बहुत तनाव और शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता था. परिवार ने बलिया के कई अस्पतालों में इलाज करवाया, लेकिन समाधान नहीं मिला,
आखिरकार वे लखनऊ के लोहिया संस्थान पहुंचे. यूरोलॉजी विभाग के विशेषज्ञ प्रोफेसर ईश्वर राम धायल के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने इस जटिल केस को संभाला। काफी मंथन के बाद फैसला हुआ कि तीन अलग-अलग चरणों में सर्जरी की जाएगी. सौभाग्य से तीनों सर्जरी पूरी तरह सफल रहीं और युवती ने को नया जीवन मिल गया.
अब युवती को पेशाब पर अच्छा कंट्रोल है और शौच से जुड़ी परेशानियां भी लगभग खत्म हो गई हैं. उसका जीवन अब काफी हद तक सामान्य हो चुका है, डॉक्टरों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में इस तरह का यह पहला मामला है, जिसे इतने जटिल तरीके से सफलतापूर्वक संभाला गया. इस उपलब्धि के बाद प्रदेश के मेडिकल इतिहास में एक नया अध्याय भी जुड़ गया है.