निपाह के कहर के बीच एक और वायरस की एंट्री, मध्यप्रदेश में हाई अलर्ट

Amanat Ansari 19 Jan 2026 08:16: PM 2 Mins
निपाह के कहर के बीच एक और वायरस की एंट्री, मध्यप्रदेश में हाई अलर्ट

नई दिल्ली: मध्य प्रदेश में हाल ही में गिलियन-बैरे सिंड्रोम (Guillain-Barré Syndrome - GBS) के मामलों ने लोगों में चिंता बढ़ा दी है. यह कोई नया वायरस नहीं है, बल्कि एक दुर्लभ ऑटोइम्यून विकार है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से अपनी ही परिधीय नसों पर हमला कर देती है. इससे मांसपेशियां तेजी से कमजोर हो जाती हैं और गंभीर मामलों में लकवा (पैरालिसिस) तक हो सकता है.

नीमच जिले के मनासा क्षेत्र में जनवरी 2026 से यह समस्या तेजी से सामने आई है. यहां दो बच्चों की मौत हुई है (एक 6 साल का और एक 15 साल का), जबकि कुल 18 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं (कुछ पुष्टि हुए, कुछ संदिग्ध). स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत हाई अलर्ट जारी किया है.  

  • विशेष वार्ड बनाए गए हैं  
  • कंट्रोल रूम स्थापित किया गया  
  • घर-घर सर्वे चल रहा है  
  • वेंटिलेटर और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगाई गई है  
  • उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने खुद स्थिति का जायजा लिया

नीमच शहर में भी एक मामला सामने आया है. पड़ोसी मंदसौर जिले में भी कुछ संदिग्ध या पुष्ट मामले रिपोर्ट हुए हैं, हालांकि ये संख्या अभी कम है. पिछले साल (2025) भी मंदसौर में कुछ GBS के मामले आए थे, जिनमें दूषित पानी को एक वजह माना गया था.

GBS के मुख्य लक्षण क्या हैं?

  • यह बीमारी अचानक शुरू होती है और तेजी से बढ़ सकती है.
  • पैरों से शुरू होने वाली कमजोरी, जो ऊपर की तरफ फैलती है 
  • हाथ-पैरों में झुनझुनी या सुन्नता 
  • पीठ या कमर में तेज दर्द 
  • बोलने या निगलने में मुश्किल 
  • सांस लेने में परेशानी (गंभीर मामलों में)
  • अगर ऐसे लक्षण दिखें तो तुरंत अस्पताल जाएं, क्योंकि शुरुआती इलाज से रिकवरी अच्छी हो सकती है.

क्या कारण हो सकते हैं?

  • GBS ज्यादातर किसी पहले हुए संक्रमण (जैसे फ्लू, दस्त, या वायरल बुखार) के बाद ट्रिगर होता है. शरीर की इम्यूनिटी गलती से नसों को निशाना बना लेती है.
  • दूषित पानी या खाने से बैक्टीरियल संक्रमण (जैसे Campylobacter)  
  • कच्चा या बासी भोजन  
  • कोई हालिया वायरल बीमारी
  • मनासा में पानी, भोजन और अन्य सैंपलों की जांच चल रही है, लेकिन अभी स्पष्ट कारण नहीं पता चला है.

बचाव और सावधानियां कैसे बरतें?

  • हमेशा उबला हुआ या साफ पानी ही पिएं  
  • ताजा और अच्छे से पका हुआ भोजन लें, बासी खाने से बचें  
  • हाथों की साफ-सफाई का खास ध्यान रखें  
  • अगर बुखार, दस्त या कोई संक्रमण हो तो जल्दी डॉक्टर से जांच कराएं  
  • समय पर इलाज बहुत जरूरी है – इसमें IVIG इंजेक्शन या प्लाज्मा थेरेपी जैसी सुविधाएं मदद करती हैं

यह जानकारी सिर्फ जागरूकता के लिए है. GBS एक गंभीर स्थिति है, इसलिए कोई भी लक्षण दिखे तो खुद से दवा न लें. तुरंत न्यूरोलॉजिस्ट या नजदीकी अस्पताल में संपर्क करें. राज्य सरकार इलाज का खर्च उठा रही है और स्थिति पर नजर रख रही है.
सतर्क रहें, सुरक्षित रहें!

Nipah virus GBS virus Health News Madhya Pradesh

Recent News